Breaking News
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया

फूलों की घाटी एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुली

फूलों की घाटी एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुली

घांघरिया से रवाना हुआ पहला दल, बर्फबारी से क्षतिग्रस्त रास्ते किए गए दुरुस्त

चमोली – उत्तराखंड की प्रसिद्ध विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी का द्वार एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। एक जून की सुबह घाटी के प्रवेश द्वार से पहला पर्यटक दल रवाना हुआ, marking the beginning of the eagerly awaited पर्यटन सीजन।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस घाटी की पगडंडियों पर पहले दिन 49 पर्यटकों ने कदम रखे, जिनमें अधिकांश ने स्थल पर पहुंचकर पंजीकरण कराया, जबकि कुछ ने ऑनलाइन माध्यम से एडवांस बुकिंग की थी।

हर वर्ष हजारों की संख्या में सैलानी इस अलौकिक घाटी की सैर को आते हैं, जो अपने रंग-बिरंगे फूलों, हिमालयी घाटियों और दुर्लभ वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध है। घाटी का प्रवेश हर साल 1 जून को खोला जाता है और 31 अक्टूबर तक सीमित रहता है, जिसके बाद इसे शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है।

वन विभाग की ओर से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि रास्तों की मरम्मत, अस्थायी पुलों का निर्माण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएँ समय रहते पूरी कर ली गई हैं, ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो।

फूलों की घाटी में जुलाई-अगस्त के दौरान सौंदर्य अपने चरम पर होता है, जब 350 से ज्यादा किस्मों के फूल खिलते हैं। पूरे सीजन में 500 से अधिक फूलों की प्रजातियाँ यहां देखी जा सकती हैं। इस वर्ष पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी सक्रिय किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top