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पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया

पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया

पेट में दर्द या भारीपन को अक्सर लोग गैस, कब्ज या अपच से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार यह सामान्य परेशानी हो सकती है, लेकिन अगर पेट या जांघ के ऊपरी हिस्से यानी ग्रोइन में दर्द के साथ कोई उभार या गांठ नजर आने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह हर्निया का संकेत हो सकता है।

हर्निया ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के अंदर मौजूद कोई अंग या ऊतक पेट की कमजोर मांसपेशियों की दीवार से बाहर की ओर निकलने लगता है। शुरुआत में इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर रूप ले सकता है। खासतौर पर जब आंत का कोई हिस्सा हर्निया में फंस जाए और उसकी रक्त आपूर्ति प्रभावित होने लगे।

क्या होता है हर्निया?

हर्निया तब विकसित होता है जब पेट की मांसपेशियों या ऊतकों की दीवार कमजोर हो जाती है और अंदर का कोई हिस्सा उस कमजोर जगह से बाहर की तरफ उभरने लगता है। पेट या ग्रोइन में दिखाई देने वाला उभार इसका सबसे आम संकेत माना जाता है।

कुछ लोगों में यह समस्या जन्म से मौजूद कमजोरी के कारण हो सकती है, जबकि कई मामलों में उम्र बढ़ने, मांसपेशियों के कमजोर होने या पेट के अंदर लगातार बढ़ते दबाव के कारण हर्निया विकसित हो सकता है।

किन कारणों से बढ़ सकता है खतरा?

हर्निया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक कब्ज रहने और शौच के दौरान बार-बार जोर लगाने से पेट के अंदर दबाव बढ़ सकता है। इसी तरह लगातार खांसी, अधिक वजन, भारी सामान उठाना और ऐसी गतिविधियां जिनमें पेट की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जोखिम बढ़ा सकती हैं।

कुछ लोगों में पेट की दीवार कमजोर होने की समस्या जन्मजात भी होती है। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ शरीर के ऊतकों में आने वाली कमजोरी भी एक कारण हो सकती है।

इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

हर पेट दर्द हर्निया नहीं होता, लेकिन कुछ खास लक्षण इसकी ओर इशारा कर सकते हैं। जैसे—

पेट या ग्रोइन में गांठ या उभार दिखाई देना
खांसने या छींकने पर उभार का ज्यादा स्पष्ट होना
वजन उठाने या जोर लगाने पर दर्द बढ़ना
लंबे समय तक खड़े रहने पर भारीपन या असहजता महसूस होना
लेटने पर उभार या दर्द में राहत मिलना
ग्रोइन के आसपास जलन, खिंचाव या दबाव महसूस होना

अगर इस तरह के लक्षण बार-बार दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

अचानक तेज दर्द हो तो तुरंत लें मेडिकल मदद

हर्निया की सबसे गंभीर स्थिति तब हो सकती है, जब उसमें आंत का हिस्सा फंस जाए। अगर उभार अचानक बड़ा या बेहद दर्दनाक हो जाए, तेज पेट दर्द होने लगे, पेट फूलने के साथ मतली या उल्टी हो या बुखार आ जाए, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

ऐसी स्थिति में आंत तक रक्त की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।

बचाव के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

हर्निया के जोखिम को कम करने के लिए शरीर का स्वस्थ वजन बनाए रखना, कब्ज से बचना और भोजन में पर्याप्त फाइबर शामिल करना मददगार हो सकता है। लगातार खांसी जैसी समस्या होने पर उसका इलाज कराना भी जरूरी है। भारी वजन उठाते समय सही तकनीक का इस्तेमाल करना भी महत्वपूर्ण है।

ध्यान रखें कि पेट में होने वाले हर दर्द को हर्निया नहीं कहा जा सकता। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी है।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल जानकारी और विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षण में चिकित्सकीय परामर्श लें।

(साभार)

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