Breaking News
मुख्यमंत्री धामी से मिले नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून की बड़ी छलांग, 37वें से 12वें स्थान पर पहुंची राजधानी
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून की बड़ी छलांग, 37वें से 12वें स्थान पर पहुंची राजधानी
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य  प्रगति की जिलाधिकारी ने की  समीक्षा, 29,929 मतदाता जांच में पाए गए अपात्र
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य प्रगति की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 29,929 मतदाता जांच में पाए गए अपात्र
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज
जनता मिलन में 19 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
जनता मिलन में 19 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा- मुख्यमंत्री
उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा- मुख्यमंत्री

तीन नवंबर को भैयादूज के शुभ अवसर पर बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट 

तीन नवंबर को भैयादूज के शुभ अवसर पर बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट 

10 मई को खुले थे कपाट 

तीन नवंबर को सुबह 8.30 बजे बंद किए जाएंगे धाम के कपाट 

देहरादून। केदारनाथ धाम के कपाट तीन नवंबर को भैयादूज पर सुबह साढ़े आठ बजे बंद होंगे। इसी दिन बाबा की चल विग्रह उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया, इस वर्ष 10 मई को धाम के कपाट खुले थे।

अभी तक यहां 13 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। बताया, केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए परंपरानुसार भैयादूज पर्व तीन नवंबर को सुबह 8.30 बजे बंद किए जाएंगे।

बाबा केदार की पंचमुखी भोगमूर्ति चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान होकर धाम से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी और रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव पर रामपुर पहुंचेगी। चार नवंबर को बाबा केदार की डोली विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में विश्राम करेगी। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top