Breaking News
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला आज
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
एआई तकनीक से बनी फिल्म ‘द्रोणाचार्य’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
एआई तकनीक से बनी फिल्म ‘द्रोणाचार्य’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

CAA पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, 9 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

CAA पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, 9 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 और नागरिक संशोधन नियम, 2024 पर रोक लगाने की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से 8 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की सुनवाई 9 अप्रैल को तय की। दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से नागरिक संशोधन नियम, 2024 पर रोक लगाने का आग्रह किया था, हालांकि, कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया। केंद्र ने CAA पर रोक लगाने की मांग करने वाले आवेदनों पर जवाब दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा है।

केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि उन्हें 20 आवेदनों पर जवाब देने के लिए कुछ समय चाहिए। मेहता ने पीठ से कहा, CAA किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनता है। पीठ में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। सीजेआई ने कहा कि एसजी बयान देने को तैयार नहीं हैं और इसलिए कार्यवाही 9 अप्रैल को सूचीबद्ध की जाएगी। याचिकाकर्ताओं के वकील ने अनुरोध किया कि इस बीच कोई नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए। एसजी ने नागरिकता देने के संबंध में कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top