Breaking News
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज
जनता मिलन में 19 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
जनता मिलन में 19 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा- मुख्यमंत्री
उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा- मुख्यमंत्री
उत्तराखंड में बढ़ा लंपी रोग का खतरा, 21 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि, एक बछड़े की मौत
उत्तराखंड में बढ़ा लंपी रोग का खतरा, 21 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि, एक बछड़े की मौत
बार-बार थकना और ज्यादा प्यास लगना! बच्चों में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान
बार-बार थकना और ज्यादा प्यास लगना! बच्चों में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान
लैंडिंग के बाद बेकाबू हुआ अमेजन का कार्गो विमान, कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत
लैंडिंग के बाद बेकाबू हुआ अमेजन का कार्गो विमान, कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत

भारतीय संस्कृति और परंपराएं गुयाना में फल-फूल रही हैं- प्रधानमंत्री

भारतीय संस्कृति और परंपराएं गुयाना में फल-फूल रही हैं- प्रधानमंत्री

नई दिल्ली। भारत और गुयाना के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और भी प्रगाढ़ बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुयाना के प्रसिद्ध सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल का दौरा किया। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति गुयाना में बढ़ते हुए सम्मान और उनके फल-फूलने के बारे में अपनी बात साझा की।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, “गुयाना में भारतीय संस्कृति और परंपराएँ सचमुच फल-फूल रही हैं। मुझे एक ऐसे स्‍थल पर जाने का अवसर मिला है, जो सांस्कृतिक समागम और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने में हमेशा अग्रणी रहा है – सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल। मैं इस स्कूल के सभी सदस्यों की सराहना करता हूं और साथ ही स्वामी आकाशरानंद जी के नेतृत्व में किए गए प्रयासों की भी प्रशंसा करता हूं, जिन्होंने भारत और गुयाना के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

प्रधानमंत्री का यह बयान दोनों देशों के बीच मजबूत होते सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों का प्रतीक है, और इसने भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को विदेशों में फैलाने में मदद करने के लिए किए गए योगदान की भी सराहना की है।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने स्वामी आकाशरानंद के अद्वितीय योगदान को भी मान्यता दी, जो गुयाना में भारतीय संस्कृति को फैलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top