बहजोई । उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक नाबालिग समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह बिहार और झारखंड से बच्चों को लाकर भीड़भाड़ वाले बाजारों में उनसे मोबाइल चोरी करवाता था। इसके बदले बच्चों को 300 से 500 रुपये दिए जाते थे, जबकि चोरी किए गए फोन दिल्ली के फुटपाथ बाजारों में बेच दिए जाते थे।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 42 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और चोरी का एक आधार कार्ड बरामद किया है। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि गुन्नौर क्षेत्र में हुई मोबाइल चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को इस गिरोह के बारे में जानकारी मिली।
पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर को गुन्नौर बाजार में बबराला निवासी ओमप्रकाश और जगन्नाथपुर निवासी इमरान के मोबाइल फोन चोरी हो गए थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर संदिग्धों के बारे में सुराग मिला।
जांच के आधार पर पुलिस ने पहले एक नाबालिग को जवाहर चौराहे के पास देखा। इसके बाद आसपास तलाश करते हुए तीन अन्य आरोपितों को पास के एक बंद पड़े सर्विस स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीन वयस्क आरोपित झारखंड के साहेबगंज जिले के तालझाड़ी थाना क्षेत्र के महाराजपुर और नया टोला कल्याणी गांव के रहने वाले हैं। इनमें दिनेश कुमार मेहतो और करन कुमार अलीगढ़ के विष्णुपुरी क्षेत्र में रह रहे थे, जबकि सुरंजन कुमार शाह मसूदाबाद की नई बस्ती में रह रहा था।
थाना प्रभारी संजय कुमार के मुताबिक, वारदात के बाद चारों गुन्नौर में ही ठहरे हुए थे और शनिवार सुबह जुनावई की साप्ताहिक बाजार जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर बिहार और झारखंड से बच्चों को अपने साथ लाते थे। अलग-अलग शहरों में किराये के मकान लेकर रहते और बच्चों से बाजारों में मोबाइल चोरी करवाते थे। पुलिस को संभल के अलावा हाथरस, कासगंज, एटा और अलीगढ़ में भी इस तरह की वारदातों में गिरोह की संलिप्तता की आशंका है।
जांच के अनुसार, किसी जिले में पुलिस की कार्रवाई तेज होने पर गिरोह दूसरे जिले में जाकर वारदात करता था। चोरी किए गए मोबाइल बाद में दिल्ली के फुटपाथ बाजारों में बेचने की बात सामने आई है। पुलिस बरामद फोन के मालिकों की पहचान करने और अन्य संभावित घटनाओं से गिरोह का संबंध पता लगाने में जुटी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।


