Breaking News
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर
देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर

केजरीवाल की कहानियों का अंत नहीं

केजरीवाल की कहानियों का अंत नहीं

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ड्रामे और उनकी कहानियों का अंत ही नहीं हो रहा है। उनकी सरकार ने एक बार फिर विधानसभा में विश्वास मत पेश कर दिया। किसी ने उनके बहुमत पर अविश्वास नहीं जाहिर किया था और न कहीं से उनकी सरकार को खतरा दिख रहा था। 70 सदस्यों की राज्य विधानसभा में केजरीवाल की पार्टी के 62 विधायक हैं। उन्हें तीन चौथाई से भी ज्यादा बहुमत है। फिर भी यह तीसरा मौका है, जब उन्होंने विश्वास मत हासिल करने का ड्रामा रचा है। पहले भी उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके विधायकों को 20 करोड़ रुपए देने की भाजपा ने पेशकश की है। इस आरोप के बाद उन्होंने विश्वास मत पेश कर दिया।

अब फिर आरोप लगाया है कि सात विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए की पेशकश भाजपा ने की है और सरकार गिराना चाहती है। हालांकि सात या 17 विधायकों के टूटने से भी केजरीवाल की सरकार पर खतरा नहीं है। दूसरे, दिल्ली पुलिस उनसे पूछ रही है कि वे मीडिया में बयान देने के बाद औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं। किसी व्यक्ति का नाम लें, जिसने पैसे की पेशकश की या कोई फोन नंबर ही बताएं कि इस नंबर से फोन करके पेशकश की गई थी। लेकिन उनकी पार्टी ने न कोई सबूत पेश किया है और न औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन विधानसभा के सत्र में बजट टाल दिया और विश्वास मत पेश कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top