Bharat Samwad https://bharatsamwad.com National News Portal Mon, 09 Mar 2026 11:29:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://bharatsamwad.com/wp-content/uploads/2024/01/cropped-Bharat-Samwad-512x512-1-32x32.png Bharat Samwad https://bharatsamwad.com 32 32 मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट https://bharatsamwad.com/chief-minister-dhami-presented-a-budget-of-%e2%82%b91-11-lakh-crore/ Mon, 09 Mar 2026 11:29:05 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23017

पिछले साल के मुकाबले बजट में 10.41% की बढ़ोतरी

गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ के इस बजट में जहां विकास की गति को बढ़ाने पर जोर है, वहीं मजबूत राजकोषीय प्रबंधन की झलक भी स्पष्ट दिखाई देती है। वर्ष 2025-26 के सापेक्ष 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सीएम धामी ने भोजनावकाश के बाद पेश किए बजट को उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन को मजबूत करने वाला बजट बताया।

देखें बजट की मुख्य बातें

1.11 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट

गांव-गरीब, युवा और महिला सशक्तिकरण पर जोर

पर्यटन, कृषि, तकनीक और आधारभूत ढांचे में बड़े निवेश का ऐलान

सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं को भी मजबूती

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इस बजट के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं को रोजगार से जोडऩे, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और आधारभूत ढांचे के विकास पर खास फोकस किया है।

विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई, जिसमें सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका रखा गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सदन में बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सरकार ने बजट में कृषि, पर्यटन, उद्योग और तकनीकी विकास को राज्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख इंजन के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए भी बड़े प्रावधान किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए सड़क, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के निर्माण और सुधार के लिए 1,050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के लिए 400 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग में 1,642.20 करोड़ रुपये और पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिए 1,491 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष योजनाओं को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे राज्य के लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा जारी रहेगी। वहीं वृद्ध, विधवा और दिव्यांगों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 1,327.73 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। महिला और बाल कल्याण के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को बजट में शामिल किया है। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 598.33 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए 149.45 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, आंचल अमृत और वात्सल्य योजना के लिए भी अलग-अलग बजट प्रावधान किए गए हैं।

सरकार ने तकनीकी विकास पर भी जोर देते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये और राज्य के डेटा सेंटर को मजबूत बनाने के लिए 105 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसके अलावा आईटी विकास एजेंसी को 25 करोड़ रुपये का अनुदान देने की घोषणा की गई है। उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 60 करोड़ रुपये और एमएसएमई सेक्टर के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का उदाहरण -सीएम

राज्य सरकार ने बजट में वित्तीय जिम्मेदारी और पारदर्शिता बनाए रखते हुए FRBM अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया है। बजट के अनुसार राज्य में राजस्व आधिक्य (Revenue Surplus) की स्थिति बनी हुई है, जो दर्शाता है कि सरकार की आय उसके राजस्व व्यय से अधिक है। यह स्थिति किसी भी राज्य की मजबूत वित्तीय सेहत का संकेत मानी जाती है। बजट में 2536.33 करोड़ का राजस्व सरप्लस दिखाया गया है।

राजकोषीय अनुशासन के तहत राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर रखा गया है। इसी प्रकार लोक ऋण भी जीएसडीपी के 32.50 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के अंदर बनाए रखा गया है। यह दर्शाता है कि सरकार विकास कार्यों पर खर्च करते हुए भी ऋण प्रबंधन और वित्तीय संतुलन पर पूरा ध्यान दे रही है।

राजस्व आधिक्य, सीमित राजकोषीय घाटा और नियंत्रित सार्वजनिक ऋण जैसे संकेतक बताते हैं कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में सावधानी और दूरदर्शिता अपनाई है। इससे भविष्य में विकास परियोजनाओं को स्थिर वित्तीय आधार मिलने की संभावना और मजबूत होगी।

कुल मिलाकर यह बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी https://bharatsamwad.com/using-earbuds-to-clean-your-ears-can-be-dangerous-doctors-warn/ Mon, 09 Mar 2026 10:48:37 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23014

कान हमारे शरीर का बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंग है, जिसकी सही देखभाल करना जरूरी है। अक्सर लोग कानों की सफाई के लिए कॉटन वाले ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे सुरक्षित नहीं मानते। डॉक्टरों के मुताबिक, गलत तरीके से कान साफ करना कई बार संक्रमण, चोट और सुनने की समस्या तक पैदा कर सकता है। इसलिए कानों की सफाई को लेकर सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हमारे कान खुद को साफ रखने की प्राकृतिक क्षमता रखते हैं। कान के अंदर बनने वाला ईयरवैक्स (मैला) कई लोगों को गंदगी लगता है, जबकि वास्तव में यह कानों के लिए एक सुरक्षात्मक परत का काम करता है। यह धूल, बैक्टीरिया और अन्य हानिकारक तत्वों को कान के अंदर जाने से रोकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कई लोग कान साफ करने के लिए कॉटन प्लग या ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह तरीका सुरक्षित नहीं है। इससे अक्सर वैक्स बाहर निकलने की बजाय और अंदर की ओर चला जाता है, जिससे कान में ब्लॉकेज बनने की आशंका बढ़ जाती है। इस स्थिति में कान बंद होने जैसा महसूस होना, सुनाई कम देना और असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि कान के अंदर की त्वचा बहुत पतली और संवेदनशील होती है। ऐसे में ईयरबड्स या किसी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल करने से कान के अंदर खरोंच या चोट लग सकती है। यदि कान में चोट लग जाए तो वहां बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि कान केवल सुनने के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर के संतुलन को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए कान में किसी भी तरह की चोट या समस्या होने पर चक्कर आना या संतुलन बिगड़ने जैसी परेशानी भी हो सकती है।

इसके अलावा, अगर कॉटन प्लग गलती से ज्यादा अंदर चला जाए तो यह कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है। कई मामलों में ईयरबड्स के गलत इस्तेमाल से कान के पर्दे को नुकसान पहुंचने तक की स्थिति बन जाती है। बार-बार ईयरबड्स इस्तेमाल करने से कान में सूखापन, खुजली और ज्यादा वैक्स बनने की समस्या भी हो सकती है।

डॉक्टरों की सलाह है कि कानों की सफाई के लिए ईयरबड्स का नियमित इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। यदि कान में ज्यादा वैक्स जमा हो जाए, दर्द हो या सुनने में परेशानी महसूस हो तो खुद से उपचार करने के बजाय किसी ईएनटी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।

नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)

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गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प https://bharatsamwad.com/ukd-protests-in-gairsain-clashes-with-police-over-attempt-to-surround-assembly/ Mon, 09 Mar 2026 10:18:48 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23011

पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को लिया हिरासत में

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। स्थायी राजधानी की घोषणा, अंकिता भंडारी हत्याकांड और अन्य जन मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा घेराव का प्रयास किया।

सोमवार को दिवालीखाल क्षेत्र में बड़ी संख्या में यूकेडी कार्यकर्ता एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्थायी राजधानी घोषित करने सहित विभिन्न मांगों को उठाते हुए रैली निकाली। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर विधानसभा की ओर बढ़ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने करीब 10 से 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को पुलिस वाहनों से ले जाया जा रहा था, तभी अन्य कार्यकर्ताओं ने वाहनों को रोक दिया और अपने साथियों को उतारने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

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पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर https://bharatsamwad.com/government-concerned-over-tensions-in-west-asia-safety-of-indians-top-priority-s-jaishankar/ Mon, 09 Mar 2026 07:33:22 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23008

राज्यसभा में बोले एस जयशंकर, पश्चिम एशिया के हालात पर सरकार सतर्क

नई दिल्ली। राज्यसभा में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वहां फंसे भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर चर्चा के दौरान विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सदन में बयान देते हुए विदेश मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर भारत ने पहले ही चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित मंत्रालय आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कदम उठा रहे हैं।

जयशंकर ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं और यह क्षेत्र देश की ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख स्रोत भी है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय काम करते हैं, जबकि ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं। ऐसे में क्षेत्र में तनाव बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि मौजूदा संकट के कारण सुरक्षा हालात प्रभावित हुए हैं और इसका असर आम जनजीवन पर भी पड़ा है। इस दौरान भारत ने अपने दो नाविकों को खो दिया है, जबकि एक नाविक अभी भी लापता बताया जा रहा है।

विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा के लिए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार सक्रिय है। वहां पढ़ रहे छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने में मदद की जा रही है और जरूरतमंद नागरिकों को पड़ोसी देशों के रास्ते स्वदेश लौटने में सहायता दी जा रही है। अब तक हजारों भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंच चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा हालात में ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करना चुनौतीपूर्ण है, हालांकि ईरान के विदेश मंत्री ने भारत के सहयोग के लिए आभार जताया है। भारत ने मानवीय आधार पर ईरान के युद्धपोत ‘लवन’ को कोच्चि बंदरगाह पर रुकने की अनुमति दी थी, जिसके लिए ईरान ने धन्यवाद दिया है।

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दृष्टि आई इंस्टीट्यूट द्वारा ग्लूकोमा जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन https://bharatsamwad.com/drishti-eye-institute-organises-glaucoma-awareness-walkathon/ Mon, 09 Mar 2026 06:41:14 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23005

देहरादून। दृष्टि आई इंस्टीट्यूट, देहरादून द्वारा ग्लूकोमा (काला मोतिया) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक ग्लूकोमा अवेयरनेस वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। ग्लूकोमा अंधत्व के प्रमुख कारणों में से एक है। इस कार्यक्रम को मुख्य अतिथि सविन बंसल, जिलाधिकारी (DM), देहरादून, उत्तराखंड द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होंने इस अवसर पर समय रहते जांच और जनजागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्लूकोमा को “नज़र चुराने वाला मौन रोग” बताया।

दृष्टि आई इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. गौरव लूथरा ने बताया कि
“ग्लूकोमा को अक्सर ‘साइलेंट डिज़ीज़’ कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण तब तक स्पष्ट नहीं होते जब तक दृष्टि को काफी नुकसान नहीं पहुंच जाता।”
इस वॉकाथॉन का उद्देश्य केवल सामुदायिक भागीदारी तक सीमित नहीं था, बल्कि लोगों को ग्लूकोमा के जोखिम, लक्षणों और उपचार के बारे में जागरूक करना भी था। यह पहल ग्लूकोमा अवेयरनेस वीक (8–14 मार्च 2026) के दौरान दृष्टि फाउंडेशन के प्रयासों का हिस्सा है।

दृष्टि आई इंस्टीट्यूट में रेटिना सेवाओं के प्रमुख डॉ. सौरभ लूथरा ने कहा कि
“समय पर जांच और सही उपचार से गंभीर दृष्टि हानि को रोका जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।”

इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में डॉ. रीटा धवन (अध्यक्ष, देहरादून ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी – GODS), विकास देवान (अध्यक्ष, SJA एलुमनी एसोसिएशन) और हेमंत कोचर (अध्यक्ष, रोटरी क्लब) उपस्थित रहे।

इस आयोजन में कई स्थानीय संगठनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और समुदाय के मजबूत सहयोग का प्रदर्शन किया। सहयोगी संगठनों में रोटरी ई-क्लब दून 3080 के प्रतिनिधि मोहित गोयल, SJA एलुमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि परवीन चंदोक और अंबुज ओबेरॉय, तथा आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिनिधि नितिन जैन शामिल थे। इसके अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य डॉ. राधिका रतूड़ी, डॉ. अरुंदीप और डॉ. महेश अग्रवाल, तथा देहरादून ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी (GODS) की सदस्य डॉ. महेश्वरी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

प्रतिभागियों ने जागरूकता टी-शर्ट पहनकर और बैनर लेकर देहरादून की सड़कों पर मार्च किया। इन बैनरों के माध्यम से नियमित नेत्र जांच के महत्व पर जोर दिया गया, विशेष रूप से 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, जिनके परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास है, या जिन्हें मायोपिया (निकट दृष्टि दोष), आंख की चोट, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और थायरॉइड जैसी समस्याएं हैं।

डॉ. सविता लूथरा के नेतृत्व में दृष्टि आई इंस्टीट्यूट अपनी व्यापक नेत्र देखभाल सेवाओं के लिए जाना जाता है। संस्थान की विशेषज्ञ टीम में डॉ. शिवम गुप्ता, डॉ. अमरदीप कौर, डॉ. एस.एस. गुगलानी और डॉ. वैभव भट्ट भी शामिल हैं, जो उन्नत नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

इस वॉकाथॉन के सफल आयोजन में मुकेश मिंगवाल और करुणा धामीर ने आयोजन टीम का नेतृत्व किया और दृष्टि टीम तथा स्वयंसेवकों के साथ मिलकर कार्यक्रम का समन्वय किया।

ग्लूकोमा अवेयरनेस वीक (8–14 मार्च 2026) के दौरान दृष्टि आई इंस्टीट्यूट लगातार जागरूकता अभियानों का आयोजन करेगा, ताकि लोगों को ग्लूकोमा और इसके समय पर निदान के महत्व के बारे में जानकारी दी जा सके। इन पहलों के माध्यम से संस्थान लोगों को नियमित नेत्र जांच कराने और अपनी दृष्टि की सुरक्षा के लिए जागरूक करने का प्रयास कर रहा है, जिससे रोके जा सकने वाले अंधत्व को कम किया जा सके।

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टी20 विश्व कप 2026- भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब किया अपने नाम https://bharatsamwad.com/t20-world-cup-2026-india-won-the-title-by-defeating-new-zealand-in-the-final/ Mon, 09 Mar 2026 06:03:35 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23002

टीम इंडिया ने तीसरी बार किया टी20 वर्ल्ड कप पर कब्जा

नई दिल्ली। आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने का गौरव हासिल किया। इस जीत के साथ भारत टी20 विश्व कप का खिताब तीन बार जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई।

फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने दमदार प्रदर्शन किया और 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 89 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें पांच चौके और आठ छक्के शामिल रहे। उनके अलावा अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 52 और ईशान किशन ने 25 गेंदों में 54 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंतिम ओवरों में शिवम दुबे ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए आठ गेंदों में नाबाद 26 रन जोड़े। हालांकि कप्तान सूर्यकुमार यादव खाता नहीं खोल सके और हार्दिक पंड्या 18 रन बनाकर आउट हुए।

न्यूजीलैंड की ओर से गेंदबाजी में जिमी नीशम सबसे सफल रहे। उन्होंने चार ओवर में 46 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। उनके अलावा रचिन रविंद्र और मैट हेनरी को एक-एक सफलता मिली।

256 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। सलामी बल्लेबाज फिन एलन जल्दी आउट हो गए, जबकि टिम साइफर्ट ने 26 गेंदों में 52 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की। कप्तान मिचेल सैंटनर ने भी 35 गेंदों में 43 रन की पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। पूरी कीवी टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई।

भारत की ओर से गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में मात्र 15 रन देकर चार विकेट लिए। अक्षर पटेल ने तीन विकेट झटके, जबकि हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा को एक-एक विकेट मिला।

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विधानसभा सत्र में योगदान दे रहे कर्मचारियों से मिले सीएम धामी, किया आत्मीय संवाद https://bharatsamwad.com/cm-dhami-met-the-employees-contributing-to-the-assembly-session-and-had-a-cordial-conversation/ Mon, 09 Mar 2026 05:36:00 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=22999

सीएम धामी ने भोजन व्यवस्थाओं का लिया जायजा

गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में प्रातःकाल भ्रमण के दौरान सफाई कर्मियों, पुलिस के जवानों तथा विधानसभा सत्र के सफल संचालन में अपना योगदान दे रहे अन्य कर्मचारियों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनके साथ आत्मीय संवाद किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने रसोई गृह का भी निरीक्षण किया, जहां सत्र से जुड़े लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था। उन्होंने भोजन व्यवस्था का जायजा लेते हुए वहां कार्यरत कर्मचारियों से चर्चा की और उनकी कार्यप्रणाली व आवश्यकताओं की जानकारी ली।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थित जिम का निरीक्षण किया और कुछ समय व्यायाम भी किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र के सुचारू संचालन में लगे सभी कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।

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गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत https://bharatsamwad.com/38-people-killed-in-firing-as-violence-erupts-during-protests-in-skardu-gilgit-baltistan/ Sat, 07 Mar 2026 10:11:59 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=22995

स्कार्दू में हालात तनावपूर्ण, कई इलाकों में कर्फ्यू लागू

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। क्षेत्र के प्रमुख शहर स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें पाकिस्तानी सेना और अर्द्धसैन्य बलों की गोलीबारी में कई लोगों की मौत की खबर है। घटनाओं के बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्यालयों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जिसके चलते प्रशासन को कई इलाकों में कर्फ्यू लागू करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार पहली मार्च से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गए जब प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों द्वारा कार्रवाई की गई। शुरुआती रिपोर्ट में 13 लोगों की मौत की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में घायल लोगों के दम तोड़ने से मृतकों की संख्या बढ़कर 38 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं।

घटनाओं से नाराज प्रदर्शनकारियों ने स्कार्दू और आसपास के क्षेत्रों में कई सरकारी और सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया। इस दौरान कई भवनों में तोड़फोड़ की गई और कुछ जगहों पर आगजनी भी की गई। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की है।

इसी बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई की कथित मौत को लेकर पाकिस्तान में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। अल्पसंख्यक शिया समुदाय के लोगों ने राजधानी इस्लामाबाद सहित कई शहरों में रैलियां निकालकर अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की।

स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया है। दूतावास ने बलोचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी है।

स्कार्दू में हिंसा के दौरान कई महत्वपूर्ण भवनों को नुकसान पहुंचा है। इनमें सैन्य अधिकारियों के आवास, नॉर्दर्न लाइट इन्फैंट्री से जुड़े कार्यालय, आर्मी पब्लिक स्कूल, पुलिस अधिकारियों के कार्यालय, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और पर्यटन विभाग के दफ्तर शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर संचार से जुड़े संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कार्यालयों को भी आग के हवाले कर दिया गया।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हालात को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।

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चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ https://bharatsamwad.com/chardham-yatra-2026-tender-for-heli-shuttle-service-in-final-stages-facilities-to-start-soon/ Sat, 07 Mar 2026 09:50:27 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=22992

चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं पर नियंत्रण, 8–9 कंपनियां ही होंगी ऑपरेटर — डॉ. आशीष चौहान

देहरादून। आगामी अप्रैल माह से प्रारंभ होने जा रही चारधाम यात्रा 2026 से पूर्व हेली शटल सेवाओं को लेकर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) की टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 8 से 9 हेली कंपनियां अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी।

यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के सहयोग से संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को पारदर्शी और सुगम बुकिंग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही चारधाम यात्रा को देखते हुए हेली सेवाओं के टिकटों की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in / IRCTC के माध्यम से ही ऑनलाइन की जाएगी। इसका उद्देश्य फर्जी एजेंटों और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना तथा श्रद्धालुओं को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से टिकट उपलब्ध कराना है।

चारधाम यात्रा 2026 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ सहित बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अन्य राज्यों से आने वाले बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को हेली सेवाओं के माध्यम से बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या कालाबाजारी की घटनाओं को रोकने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने अपने स्तर पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जो यात्रा के दौरान बुकिंग से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए तत्पर रहेगा।

यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि हेली शटल सेवाओं को लेकर टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान लगभग 8 से 9 कंपनियां हेली शटल सेवाएं प्रदान करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि हेली टिकटों की बुकिंग आईआरसीटीसी (IRCTC) के सहयोग से संचालित आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। यात्री हेलीकॉप्टर सेवा के लिए heliyatra.irctc.co.in वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

डॉ. चौहान ने आगे बताया कि टिकट बुकिंग से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए यूकाडा का कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। इसके अलावा, हेली सेवा से यात्रा करने वाले यात्री अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए आईआरसीटीसी के कस्टमर केयर से भी सीधे संपर्क कर सकते हैं।

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किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी https://bharatsamwad.com/ignoring-kidney-stones-can-be-costly-timely-treatment-is-essential/ Sat, 07 Mar 2026 07:35:24 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=22989

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह बीमारी अधिकतर वयस्कों में देखी जाती थी, वहीं अब कम उम्र के युवाओं और बच्चों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त पानी न पीना, असंतुलित आहार और अनियमित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण हैं। इसलिए समय रहते सावधानी और इलाज बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार किडनी में पथरी तब बनती है जब शरीर में कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे खनिज पदार्थ अधिक मात्रा में जमा होकर धीरे-धीरे क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। पर्याप्त पानी न पीने से इन तत्वों का जमाव बढ़ जाता है, जिससे पथरी बनने का खतरा अधिक हो जाता है। किडनी स्टोन का समय पर उपचार न कराने पर यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

कम उम्र में भी बढ़ रहे मामले

वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. कुलदीप राय के अनुसार अस्पतालों की ओपीडी में अब कम उम्र के लोगों में भी किडनी स्टोन के मरीज बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। कई बार शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन जैसे-जैसे पथरी का आकार बढ़ता है, मरीज को कमर या पेट में तेज दर्द, पेशाब में जलन और अन्य समस्याएं होने लगती हैं। कई लोग इस दर्द को सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है।

छोटी और बड़ी पथरी का इलाज अलग

डॉक्टरों के मुताबिक 3 से 4 मिलीमीटर से छोटी पथरी कई बार अधिक पानी पीने, दवाइयों और खान-पान में बदलाव से अपने-आप निकल सकती है। लेकिन बड़ी पथरी या लंबे समय तक किडनी में मौजूद पथरी गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकती है। ऐसे मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है। कुछ मरीजों में एक से अधिक पथरी होने पर भी ऑपरेशन की सलाह दी जाती है।

इलाज में देरी से बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञ बताते हैं कि बड़ी पथरी किडनी और मूत्राशय को जोड़ने वाली नलिका (यूरेटर) में फंस सकती है, जिससे पेशाब का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। इससे पेशाब में रुकावट, संक्रमण और तेज दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति रहने पर किडनी को स्थायी नुकसान या किडनी फेलियर का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए समय रहते जांच और इलाज बेहद जरूरी है।

बीयर से पथरी निकलने का दावा गलत

कई लोग मानते हैं कि बीयर पीने से पेशाब ज्यादा आता है और इससे किडनी स्टोन निकल सकता है। हालांकि डॉक्टर इस धारणा को गलत बताते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी स्टोन का इलाज केवल चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार से ही संभव है, इसलिए किसी भी घरेलू धारणा के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)

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