Uttarakhand – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com National News Portal Thu, 23 Apr 2026 07:48:32 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://bharatsamwad.com/wp-content/uploads/2024/01/cropped-Bharat-Samwad-512x512-1-32x32.png Uttarakhand – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com 32 32 वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम https://bharatsamwad.com/the-sacrifice-of-veer-chandra-singh-garhwali-and-his-comrades-will-forever-continue-to-inspire-future-generations-cm/ Thu, 23 Apr 2026 07:48:32 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23862

पेशावर कांड की 96वीं बरसी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेशावर कांड की 96वीं बरसी पर वीरता, साहस और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली एवं उनके साथियों को किया ननन ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निहत्थे देशवासियों पर गोली चलाने के आदेश को ठुकराकर वीर चंद्र सिंह ‘गढ़वाली’ ने मानवता, सत्य और देशभक्ति की जो मिसाल पेश की, वह भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उनका यह साहसिक निर्णय केवल एक घटना नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा का अमिट उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत बनाएगा।

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मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत https://bharatsamwad.com/chief-minister-dhami-welcomed-vice-president-c-p-radhakrishnan-at-jolly-grant-airport/ Thu, 23 Apr 2026 07:09:51 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23859

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का उत्तराखण्ड दौरा 

देहरादून। देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत और अभिनंदन किया।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड : रेखा आर्या https://bharatsamwad.com/uttarakhand-will-shine-in-sports-on-the-international-stage-rekha-arya/ Thu, 23 Apr 2026 04:45:21 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23856

देहरादून । उत्तराखंड टेबल टेनिस संघ द्वारा आयोजित 87वीं अंतरराज्यीय जूनियर एवं युवा राष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता 2025 का समापन समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ। समापन अवसर पर प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही अन्य सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ भी दिया जा रहा है।

उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आने वाले समय में बड़े खेल आयोजन देश में प्रस्तावित हैं। राष्ट्रमंडल खेल और वर्ष 2036 के ओलंपिक के मद्देनज़र युवाओं को अभी से तैयारी में जुट जाना चाहिए, ताकि वे इन मंचों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

मंत्री ने कहा कि अगले वर्ष प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों से पहले विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं उत्तराखंड में आयोजित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं का अनुभव मिलेगा और वे अधिक संख्या में चयनित हो सकेंगे।

समारोह में खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए विजेताओं को सम्मानित किया गया। आयोजन की सफलता में संघ के पदाधिकारियों की अहम भूमिका रही।

समापन अवसर पर मंत्री ने कहा कि राज्य में खेल सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है और आने वाले समय में उत्तराखंड खेलों के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।

इस अवसर पर कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन के महासचिव एमपी सिंह, अध्यक्ष मेघा अहलावत, यतिन टिप्पणिस, राजू दुग्गल, चेतन गुरुंग, प्रिंस वेपोन, केके शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं https://bharatsamwad.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%8d/ Wed, 22 Apr 2026 07:27:51 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23853

मुख्यमंत्री ने कहा, स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की नींव है

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पृथ्वी दिवस पर समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की नींव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पृथ्वी दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का एहसास कराता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस अवसर पर सभी लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प लें और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित एवं जिम्मेदारी से उपयोग करें।

उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि इन संसाधनों के संरक्षण में जनभागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने लोगों से पर्यावरण के प्रति जागरूक रहते हुए हर स्तर पर योगदान देने का आह्वान किया।

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एनडीएमए सदस्य डाॅ. असवाल ने आपदा की तैयारियों को परखा https://bharatsamwad.com/ndma-member-dr-aswal-reviewed-disaster-preparedness/ Wed, 22 Apr 2026 06:33:29 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23850

आपदा का कारण न बनें विकास कार्य-असवाल

कहा-जीरो डेथ का लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में करें कार्य

देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डाॅ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि आपदाओं में जीरो डेथ का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब जोखिम के प्रभाव को न्यूनतम किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास आवश्यक है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि विकास कार्य किसी नई आपदा का कारण न बनें।

यूएसडीएमए में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डाॅ. असवाल ने आपदा प्रबंधन विभाग एवं राज्य के सभी 13 जनपदों की तैयारियों का व्यापक आकलन किया। उन्होंने जनपदों की क्षमताओं का परीक्षण करते हुए तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया, साथ ही निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन के तहत आपदा जोखिम न्यूनीकरण को केंद्र में रखते हुए कार्य किया जाए तथा आपदा पूर्व तैयारी, जोखिम पहचान और न्यूनीकरण उपायों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने एसडीएमपी और डीडीएमपी की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण में यह मील का पत्थर साबित होंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए एनडीएमए स्तर पर हर संभव तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग का भरोसा दिलाया। डाॅ. असवाल ने राज्य के सभी जनपदों में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिहाज से शैडो एरिया को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की सूची एनडीएमए को भेजी जाए। इन क्षेत्रों में संचार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एनडीएमए टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देगा।

बैठक के दौरान सचिव विनोद कुमार सुमन ने नदियों के चैनलाइजेशन के लिए ड्रेजिंग कार्यों हेतु एसडीआरएफ फंड में छूट प्रदान किए जाने का अनुरोध किया। इस पर डाॅ. असवाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रस्ताव प्रस्तुत करे, जिसे एनडीएमए स्तर पर प्राथमिकता के साथ विचार कर आवश्यक छूट दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के अनुरोध पर भी उन्होंने सकारात्मक आश्वासन दिया।

युवा आपदा मित्र योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सामुदायिक सशक्तीकरण को आपदा प्रबंधन की सबसे मजबूत कड़ी बताया और अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि उपकरणों, मानव संसाधनों, संवेदनशील क्षेत्रों एवं गांवों की विस्तृत जीआईएस मैपिंग कर उन्हें जिला आपदा प्रबंधन योजना में शामिल किया जाए।

उन्होंने राज्य के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, मॉल, अपार्टमेंट एवं स्टेडियम के लिए आपदा प्रबंधन योजना की अनिवार्यता पर बल दिया। इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने अवगत कराया कि रेखीय विभागों के प्लान तैयार किए जा चुके हैं तथा अन्य संस्थानों के प्लान तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से प्रगति पर है।

डाॅ. असवाल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक माह कम से कम एक बार सेना, वायु सेना, एसएसबी, बीएसएफ, एनडीआरएफ एवं अन्य अर्द्धसैनिक बलों के साथ समन्वय बैठक अवश्य करें, ताकि आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। बैठक में सचिव खाद्य आनंद स्वरूप, एसीईओ प्रशासन महावीर सिंह चैहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार आदि उपस्थित रहे।

पिरूल से बनाएं ब्रिकेट, एनडीएमए फंडिंग के लिए तैयार
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डाॅ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में वनाग्नि की घटनाओं का एक प्रमुख कारण पिरूल है, जिसे यदि सही तरीके से उपयोग में लाया जाए तो यह समस्या के बजाय एक उपयोगी संसाधन बन सकता है। उन्होंने बताया कि पिरूल से ब्रिकेट (ईंधन के ठोस ब्लॉक) बनाने की पहल को बढ़ावा देने के लिए एनडीएमए बड़े स्तर पर फंडिंग करने के लिए भी तैयार है। इस दिशा में उन्होंने सभी जनपदों से प्रस्ताव तैयार कर एनडीएमए को भेजने को कहा। डाॅ. असवाल ने यह भी सुझाव दिया कि पिरूल के प्रभावी और बड़े पैमाने पर एकत्रीकरण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया, जिससे कार्य अधिक तेज, सुरक्षित और दक्ष तरीके से किया जा सके।

आपदा सुरक्षित नए गांव और कस्बे बसाए जाएं
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डाॅ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के अत्यधिक संवेदनशील गांवों से लोगों का चरणबद्ध विस्थापन सुरक्षित स्थानों पर नए गांव और कस्बे बसाकर किया जाए। उन्होंने हर जिले में एक माॅडल गांव/कस्बा बसाने का सुझाव दिया जो हर प्रकार की आपदा के लिहाज से पूर्णतः सुरक्षित हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद नाजुक हैं, इसलिए बसावट और निर्माण की योजना उसी के अनुरूप बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में ऐसे निर्माण को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है, जो स्थानीय भौगोलिक संवेदनशीलता के अनुकूल हों और प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित न करें। इसके लिए बिल्डिंग बायलॉज में आवश्यक संशोधन किए जाएं और उन्हें सख्ती से लागू किया जाए। डाॅ. असवाल ने निर्देश दिए कि यूएसडीएमए इन मानकों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे, ताकि नियमों का पालन जमीन पर भी दिखाई दे और भविष्य में आपदा जोखिम को कम किया जा सके।

आपदा प्रबंधन में डिजीटल ट्विन तकनीक अपनाने पर जोर
देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डाॅ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि आपदा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल ट्विन तकनीक को लागू करने का सुझाव दिया, जिससे संभावित आपदाओं का पहले से आकलन कर बेहतर तैयारी की जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स को भी अवसर दिए जाएं, ताकि नई तकनीकों और समाधान का उपयोग कर आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाया जा सके।

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आगामी नेशनल गेम्स में पदकों की संख्या बढ़ाने पर करें फोकस : रेखा आर्या https://bharatsamwad.com/focus-on-increasing-the-medal-tally-in-the-upcoming-national-games-rekha-arya/ Wed, 22 Apr 2026 04:55:24 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23847

विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों के लिए गहन प्रशिक्षण शिविर लगाने पर जोर

आगामी नेशनल चैंपियनशिप जैसे आयोजन उत्तराखंड में कराने की तैयारी

देहरादून । नॉर्थ ईस्ट राज्यों में होने वाले 39 वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के पदकों की संख्या 38वें नेशनल गेम्स के मुकाबले और ज्यादा बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसके निर्देश जारी किए।

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उन्होंने 24 घंटे के अंदर अधिकारियों को 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी की पूरी कार्य योजना बनाकर देने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत खिलाड़ियों को गहन प्रशिक्षण दिए जाने, विभिन्न खेल संघों के साथ समन्वय बनाकर तैयारी करने और राष्ट्रीय खेलों से पहले विभिन्न खेलों की नेशनल चैंपियनशिप ज्यादा से ज्यादा संख्या में उत्तराखंड में आयोजित कराने के लिए कहा गया है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों से कहा कि मेघालय व अन्य नॉर्थ ईस्ट राज्यों के पास अगर साइकिलिंग, शूटिंग जैसे खेलों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी हो तो उन्हें इसकी सुविधा उत्तराखंड में देने पर विचार किया जाए।

बैठक में हल्द्वानी की गौलापार में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की तैयारी की भी समीक्षा की गई। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि जुलाई से शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए आवश्यक करिकुलम कमेटी व परिनियमावली कमेटी बना दी गई है और पद सृजित करने की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी के मामले में खेल विभाग चाहता है कि खेल विभाग में ही अधिसंख्य पद सृजित किए जाएं। इसके लिए तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश बैठक में अधिकारियों को दिए गए।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और संविदा प्रशिक्षक नीति के शासनादेश में भी कुछ संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि इन योजनाओं के वास्तविक लक्ष्यों को तेजी से प्राप्त करने में मदद मिल सके।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड में “एक जनपद एक खेल” नीति का प्रारूप तैयार कर लिया गया है और इस पर जल्द ही अमल शुरू कर दिया जाएगा।

बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई, उपनिदेशक शक्ति सिंह आदि उपस्थित रहे।

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सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल कर्मचारी के परिजनों को सौंपा ₹50 लाख की बीमा राशि का चैक https://bharatsamwad.com/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a5%87%e0%a4%b6/ Tue, 21 Apr 2026 10:13:35 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23841

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उपनल कर्मचारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत है- गणेश जोशी

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में दिवंगत उपनल कर्मचारी कविता गुसाईं के परिजनों को उपनल द्वारा पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से ₹50 लाख की शेष बीमा राशि का चेक प्रदान किया। इस दौरान दिवंगत कर्मचारी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक के साथ हुए एमओयू के तहत उपनल (UPNL) कर्मचारियों के लिए ₹50 लाख का आकस्मिक दुर्घटना बीमा कवर सुनिश्चित किया गया है। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर आश्रितों को यह सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि अब तक 8 पीड़ित आश्रितों को यह बीमा राशि दी जा चुकी है। उन्होंने इस सहयोग के लिए पीएनबी बैंक के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उपनल कर्मचारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बीमा राशि को ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़ करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को और अधिक राहत मिल सके।

गौरतलब है कि 10 जुलाई को कविता गुसाईं ड्यूटी से घर लौटते समय रायपुर-लाडपुर मार्ग पर एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिनकी बाद में मृत्यु हो गई थी।

इस अवसर पर दिवगंत कर्मचारी की माता निर्मला देवी, निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेवानिवृत्त), डीजीएम कर्नल राजेश नेगी (सेवानिवृत्त) एवं डीजीएम मेजर हिमांशु रौतेला (सेवानिवृत्त) पीएनबी बैंक जोनल मैनेजर अनुपम, डीजीएम पीएनबी अभिनंदन सिंह, एजीएम चर्तुभुज, आशीष सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर सरिये से लदे ट्रक से टकराई कार, एक महिला की मौत https://bharatsamwad.com/%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%be/ Tue, 21 Apr 2026 07:58:36 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23837

हादसे में सात लोग घायल 

टिहरी। टिहरी जनपद के कौड़ियाला क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ब्यासी के पास खड़े सरिये से लदे ट्रक से एक तेज रफ्तार कार जा टकराई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए।

मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब आठ बजे यह हादसा हुआ।  ब्यासी के पास एक सरिये से लदा ट्रक खड़ा था। इस दौरान दूसरी ओर से आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई। कार में कुल आठ लोग सवार थे, जिनमें पांच महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान 55 वर्षीय धूमा देवी, पत्नी स्वर्गीय दिलवर सिंह के रूप में हुई है। उनका शव कार में बुरी तरह फंसा हुआ था, जिसे टीम ने वाहन को काटकर कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।

वहीं, हादसे में घायल हुए अन्य सात लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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विकास का धामी मॉडल : मियावाला में तालाब बना खूबसूरत पार्क, लोगों को मिली नई सैर की जगह https://bharatsamwad.com/the-dhami-model-of-development-pond-in-miawala-transformed-into-a-beautiful-park-providing-residents-with-a-new-recreational-spot/ Tue, 21 Apr 2026 05:25:46 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23834

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) जनहित से जुड़ी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रहा है। खास तौर पर शहर के पुराने प्राकृतिक तालाबों, जल स्रोतों और पार्कों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण की दिशा में प्राधिकरण की पहल अब साफ तौर पर नजर आने लगी है। इसी कड़ी में देहरादून के मियावाला क्षेत्र में एक पुराने प्राकृतिक तालाब को विकसित कर लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक तालाब तथा पार्क के रूप में तैयार किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है।

मियावाला पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े पुराने प्राकृतिक तालाब के कायाकल्प के बाद तैयार इस पार्क का लोकार्पण आज रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने किया। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एमडीडीए के प्रभारी अधीक्षण अभियंता अतुल गुप्ता सहित हॉर्टिकल्चर अनुभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना को क्षेत्र के विकास और पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और प्राधिकरण की कार्यशैली की सराहना की। तेजी से शहरीकरण के दौर में जहां प्राकृतिक जल स्रोत और हरित क्षेत्र लगातार सिमटते जा रहे हैं, वहीं एमडीडीए द्वारा इन संसाधनों के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

पार्क में आधुनिक सुविधाओं का समावेश
नए विकसित पार्क में आमजन की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्क का मुख्य द्वार उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में बनाया गया है, जो स्थानीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। इसके अलावा पार्क में योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, कैन्टीन, स्वच्छ शौचालय, सुरक्षा के लिए रेलिंग, आकर्षक गज़ीबो, व्यवस्थित वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच और हरियाली से भरपूर खुले क्षेत्र विकसित किए गए हैं।

शहर की सुंदरता और हरियाली को मिलेगा बढ़ावा
एमडीडीए द्वारा इस तरह की परियोजनाएं न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ा रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। जलाशयों के संरक्षण से भूजल स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी, वहीं हरित क्षेत्रों के विस्तार से प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। प्राधिकरण का कहना है कि इसी तर्ज पर अन्य स्थानों पर भी पार्कों और जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिससे देहरादून को एक स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जा सके। मियावाला में विकसित यह पार्क न केवल एक विकास परियोजना है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि यदि योजनाओं को सही दिशा और दृष्टि के साथ लागू किया जाए, तो विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। एमडीडीए की यह पहल देहरादून के लिए एक मॉडल बन सकती है, जिसे आने वाले समय में अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है।

प्राकृतिक धरोहरों को नया जीवन देने की पहल- उमेश शर्मा काऊ
रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मियावाला में विकसित किए गए इस पार्क का लोकार्पण करते हुए एमडीडीए की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने जिस संवेदनशीलता और दूरदृष्टि के साथ प्राकृतिक तालाब को संरक्षित करते हुए उसे जनसुविधा से जोड़ने का कार्य किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक पार्क नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। काऊ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्यों को नई दिशा मिल रही है और एमडीडीए उसी सोच को जमीन पर उतार रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह की योजनाएं अन्य क्षेत्रों में लागू होंगी, जिससे लोगों को बेहतर जीवन स्तर और स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।

पुराने जल स्रोत को मिला नया जीवन- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए विकास को आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि मियावाला परियोजना इसी सोच का परिणाम है, जहां एक पुराने जल स्रोत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में ऐसे कई अन्य स्थलों की पहचान की गई है, जहां इसी तरह के कार्य किए जाएंगे। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से शहर की सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।

प्रकृति और विकास का संगम- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मियावाला पार्क का निर्माण निर्धारित समयसीमा और मानकों के अनुरूप पूरा किया गया है। एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि भविष्य में भी जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस तरह की योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

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महिला आरक्षण पर विरोध करने वालों को जनता सिखाएगी सबक- रेखा आर्या https://bharatsamwad.com/the-public-will-teach-a-lesson-to-those-opposing-womens-reservation-rekha-arya/ Mon, 20 Apr 2026 10:49:46 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=23831

काशीपुर। काशीपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाले विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आधी आबादी के अधिकारों का विरोध करने वालों को जनता आने वाले चुनावों में करारा जवाब देगी।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रेखा आर्या ने कहा कि कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों ने महिला आरक्षण का विरोध कर न केवल महिलाओं का अपमान किया है, बल्कि अपने राजनीतिक चरित्र को भी उजागर किया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का है।

उन्होंने भरोसा जताया कि देश की महिलाएं इस अपमान को भूलेगी नहीं और लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में विपक्ष को सबक सिखाएंगी।

मंत्री ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के अपने संकल्प पर पूरी तरह अडिग है।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने देखा है कि उनकी सरकार में असंभव भी संभव होता है। महिला आरक्षण को लागू कराना भी इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

इस अवसर पर राज्य मंत्री सीमा चौहान, राज्य मंत्री मनजीत सिंह राजू, मेयर दीपक बाली, प्रदेश प्रवक्ता गुरविंदर सिंह, जिला महामंत्री सुशील शर्मा, पूर्व मेयर उषा चौधरी, राम मल्होत्रा, ब्लॉक प्रमुख चंद्रप्रभा आदि उपस्थित रहे।

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