Politics – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com National News Portal Thu, 23 Jul 2026 09:52:08 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://bharatsamwad.com/wp-content/uploads/2024/01/cropped-Bharat-Samwad-512x512-1-32x32.png Politics – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com 32 32 दुगड्डा में कांग्रेस का जोरदार विरोध प्रदर्शन, भाजपा एवं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का फूका पुतला https://bharatsamwad.com/strong-protest-by-congress-in-dugda-effigy-of-bjp-and-education-minister-dharmendra-pradhan-blown-up/ Thu, 23 Jul 2026 09:52:08 +0000 https://bharatsamwad.com/strong-protest-by-congress-in-dugda-effigy-of-bjp-and-education-minister-dharmendra-pradhan-blown-up/

छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

दुगड्डा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में गुरुवार को नगर कांग्रेस कमेटी दुगड्डा ने गांधी चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।

नगर कांग्रेस अध्यक्ष नितेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे छात्र-छात्राओं पर बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने और विपक्ष के नेताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार का सम्मान करने की अपील की।

इस अवसर पर पूर्व नगर अध्यक्ष हरेन्द्र रावत, जिला महासचिव विमल बिष्ट, जिला मीडिया प्रभारी वरुण नेगी, जिला महासचिव राकेश कुमार, पूर्व प्रधान ओम चंद, धर्मेंद्र गोयल, दिनेश चौधरी, शिव सिंह रावत, बलवंत भंडारी, गम्भीर सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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संसद परिसर में सपा का प्रदर्शन, NEET पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरा https://bharatsamwad.com/sps-demonstration-in-parliament-complex-surrounds-government-on-neet-paper-leak-issue/ Mon, 20 Jul 2026 08:28:31 +0000 https://bharatsamwad.com/sps-demonstration-in-parliament-complex-surrounds-government-on-neet-paper-leak-issue/

“NEET है या CHEAT है” के लगाए नारे 

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी (सपा) ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सपा सांसदों ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग करते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

संसद परिसर में सपा सांसदों ने हाथों में “प्रश्नपत्र लीक” लिखे पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और “NEET है या CHEAT है” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में सांसद डिंपल यादव, इकरा चौधरी, कृष्णा देवी, शिवशंकर पटेल, ज़िया उर रहमान सहित कई नेता शामिल रहे।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि देशभर के छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी आवाज़ सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, फिर भी दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जब छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हैं तो उनके साथ सख्ती बरती जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर गंभीर नहीं है तथा भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

वहीं सांसद डिंपल यादव ने कहा कि छात्र लगातार सरकार से संवाद की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों की चिंताओं का समाधान करने की मांग की। सपा सांसदों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की।

सपा नेताओं ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान वे छात्रों से जुड़े मुद्दों को संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाते रहेंगे।

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पेपर लीक युवाओं के सपनों पर सबसे बड़ा हमला, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बोले राहुल गांधी https://bharatsamwad.com/paper-leak-is-the-biggest-attack-on-the-dreams-of-youth-rahul-gandhi-said-in-the-students-echo-program/ Sat, 18 Jul 2026 06:05:57 +0000 https://bharatsamwad.com/paper-leak-is-the-biggest-attack-on-the-dreams-of-youth-rahul-gandhi-said-in-the-students-echo-program/

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने पेपर लीक को बनाया मुख्य मुद्दा, युवाओं से किया सीधा संवाद

बारिश भी नहीं रोक सकी युवाओं का उत्साह

देहरादून। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने करीब साढ़े चार साल बाद उत्तराखंड दौरे के दौरान देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम का केंद्र बिंदु देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले रहे। राहुल गांधी ने इसे राजनीतिक सभा के बजाय छात्रों और युवाओं की आवाज़ का मंच बताते हुए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य पर चिंता जताई।

बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर राहुल गांधी अकेले मौजूद रहे, जबकि प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को छात्रों और युवाओं के बीच बैठाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संगीत से हुई, जिससे युवाओं में उत्साह का माहौल बना। शाम करीब 7:45 बजे राहुल गांधी मंच पर पहुंचे तो उपस्थित युवाओं ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर उनका स्वागत किया।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत दिवंगत अमर मेहता को श्रद्धांजलि अर्पित कर की। इसके बाद उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर बिना पारंपरिक राजनीतिक भाषण दिए सीधे छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि करोड़ों युवा वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं और उनके परिवार भी आर्थिक व मानसिक रूप से उनका साथ देते हैं, लेकिन एक पेपर लीक उनकी पूरी मेहनत और भविष्य पर पानी फेर देता है।

उन्होंने दावा किया कि देश में पिछले वर्षों में अनेक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और इससे लाखों युवाओं के सपने प्रभावित हुए हैं। राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक से प्रभावित कुछ युवाओं और अभिभावकों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें राहुल गांधी ने मंच पर बुलाकर उनकी बातें सुनीं।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा की समस्या नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की गंभीर विफलता है। उन्होंने कहा कि जब मेहनती युवाओं का हक छीना जाता है तो यह उनके साथ-साथ उनके परिवारों के संघर्ष का भी अपमान है।

बारिश के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा पहुंचे। दोपहर से शुरू हुई बारिश के कारण आयोजन को लेकर आशंकाएं जताई जा रही थीं, लेकिन मौसम सामान्य होते ही मैदान में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम के दौरान रैपर कर्मा की प्रस्तुति ने भी युवाओं को आकर्षित किया।

करीब 51 मिनट तक चले राहुल गांधी के संबोधन में पूरा फोकस युवाओं की समस्याओं, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर रहा। कार्यक्रम का समापन रात करीब 8:43 बजे हुआ।

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बीकेटीसी अध्यक्ष का बहस की चुनौती देकर भागना बताता है कि भाजपा के पास जवाब नहीं — गणेश गोदियाल https://bharatsamwad.com/bktc-presidents-running-away-after-challenging-him-for-debate-shows-that-bjp-has-no-answer-ganesh-godiyal/ Tue, 14 Jul 2026 12:13:47 +0000 https://bharatsamwad.com/bktc-presidents-running-away-after-challenging-him-for-debate-shows-that-bjp-has-no-answer-ganesh-godiyal/

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सार्वजनिक रूप से उन्हें बहस की चुनौती दी थी। कांग्रेस ने इस चुनौती को पूरी गंभीरता से स्वीकार किया और आज निर्धारित समय पर दोपहर 12:30 बजे प्रेस क्लब पहुँचकर तथ्यों के साथ अपनी बात रखने के लिए उपस्थित रही। लेकिन चुनौती देने वाले स्वयं नहीं पहुँचे। यह स्पष्ट करता है कि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई तथ्य नहीं थे।

गणेश गोदियाल ने कहा कि जो व्यक्ति सार्वजनिक रूप से बहस की चुनौती देता है और फिर निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होता, वह स्वयं अपनी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा देता है। इससे यही संदेश जाता है कि सच्चाई का सामना करने का साहस उनके पास नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा और बीकेटीसी के पदाधिकारी जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमोद नौटियाल वर्ष 2003 में बीकेटीसी में नियुक्त हुआ था। वर्ष 2010 में भाजपा सरकार में उसके नियमितीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया और वर्ष 2014 में शासन द्वारा उसकी स्वीकृति दी गई। उस समय वह प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और नियमितीकरण का निर्णय शासन स्तर पर लिया गया था।

गणेश गोदियाल ने कहा कि वास्तविक प्रश्न यह नहीं है कि प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति कब हुई या उसका नियमितीकरण कब हुआ। असली सवाल यह है कि बदरीनाथ धाम में दानराशि की कथित चोरी आखिर किसके कार्यकाल में हुई? यदि आज मंदिर की दानराशि की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, सीसीटीवी फुटेज में नोटों की गड्डियों के गायब होने की बातें सामने आ रही हैं और मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं, तो इसकी जवाबदेही वर्तमान प्रबंधन और वर्तमान सरकार की बनती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की पुरानी कार्यशैली रही है कि जब भी उसके शासनकाल में कोई गंभीर मामला सामने आता है, वह अपने दायित्व से बचने के लिए कांग्रेस के नेताओं को अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटने का प्रयास करती है। लेकिन इस बार भी जनता तथ्यों को देख रही है और समझ रही है कि वास्तविक जवाबदेही किसकी है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस न तो किसी तथ्य से भागती है और न ही किसी बहस से। यदि बीकेटीसी अध्यक्ष में साहस है तो वे किसी भी सार्वजनिक मंच पर आकर तथ्यों के आधार पर चर्चा करें। कांग्रेस हर प्रश्न का उत्तर देने के लिए तैयार है, लेकिन भाजपा को भी अपने कार्यकाल में हुई घटनाओं का जवाब जनता को देना होगा।गोदियाल ने कहा कि 9 वर्ष भाजपा की पूर्ण बहुमत और प्रचंड बहुमत की सरकार है यदि उनके(गोदियाल के) कार्यकाल में कुछ गलत हुआ तो आज तक एक्शन क्यों नहीं लिया गया?

उन्होंने दोहराया कि देवभूमि की आस्था सर्वोपरि है। मंदिरों की दानराशि, व्यवस्था और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सरकार और मंदिर समिति की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इस मामले में दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।

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NMC से मान्यता न मिलने पर सरकार पर बरसे यशपाल आर्य, बोले- भाजपा की बड़ी प्रशासनिक विफलता https://bharatsamwad.com/yashpal-arya-lashed-out-at-the-government-for-not-getting-recognition-from-nmc-said-bjps-big-administrative-failure/ Tue, 14 Jul 2026 10:35:37 +0000 https://bharatsamwad.com/yashpal-arya-lashed-out-at-the-government-for-not-getting-recognition-from-nmc-said-bjps-big-administrative-failure/

देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने रुद्रपुर एवं पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मान्यता देने से इनकार किए जाने को राज्य की भाजपा सरकार की गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया है।

आर्य ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे करने वाली सरकार मेडिकल कॉलेजों में न्यूनतम मानकों के अनुरूप फैकल्टी, प्रयोगशालाएं और आवश्यक संसाधन तक उपलब्ध नहीं करा सकी। इसका सीधा नुकसान उत्तराखंड के हजारों युवाओं और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को उठाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में आवश्यक फैकल्टी के मुकाबले केवल 13 फैकल्टी उपलब्ध हैं, जबकि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में लगभग 85 फैकल्टी की आवश्यकता के सापेक्ष मात्र 6 फैकल्टी कार्यरत हैं। निर्माण कार्य और आधारभूत सुविधाएं भी अधूरी हैं। यह स्थिति भाजपा सरकार के खोखले दावों की पोल खोलती है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार हर मंच से उत्तराखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने का दावा करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि मेडिकल कॉलेज ही मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। यदि समय रहते नियुक्तियां और संसाधनों की व्यवस्था की जाती, तो आज यह शर्मनाक स्थिति पैदा नहीं होती।

आर्य ने सरकार से पूछा कि-
मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की भर्ती वर्षों से लंबित क्यों रखी गई?
निर्माण कार्य समय पर पूरा क्यों नहीं कराया गया?
NMC के निरीक्षण से पहले कमियों को दूर करने की कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
इस गंभीर लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

उन्होंने कहा कि यह केवल दो मेडिकल कॉलेजों का मामला नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के स्वास्थ्य ढांचे और युवाओं के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। सरकार की अकर्मण्यता के कारण प्रदेश के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है और राज्य में डॉक्टरों की कमी और अधिक बढ़ेगी।

नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि दोनों मेडिकल कॉलेजों में तत्काल युद्धस्तर पर फैकल्टी की नियुक्ति की जाए। सभी अधूरे निर्माण कार्य और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों का स्वतंत्र ऑडिट कर उनकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।

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चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस पर बरसे हेमंत द्विवेदी, बोले- राजनीति कर रहे गणेश गोदियाल https://bharatsamwad.com/hemant-dwivedi-lashed-out-at-congress-in-the-offering-theft-case-and-said-ganesh-godiyal-is-doing-politics/ Mon, 13 Jul 2026 11:40:53 +0000 https://bharatsamwad.com/hemant-dwivedi-lashed-out-at-congress-in-the-offering-theft-case-and-said-ganesh-godiyal-is-doing-politics/

‘आरोपी मेरा निजी सचिव नहीं, समिति का स्थायी कर्मचारी’, हेमंत द्विवेदी का कांग्रेस को जवाब

देहरादून। बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर निशाना साधते हुए कहा कि गणेश गोदियाल का बद्री केदार समिति में सबसे लंबा कार्यकाल रहा। इस दौरान उन्होंने कई कारगुजारियों को अंजाम दिया।

उन्होंने कहा कि चंदा चोरी की घटना में आरोपित प्रमोद नौटियाल को कांग्रेस अध्यक्ष मेरा निजी सचिव बता रहे हैं जबकि हकीकत तो ये है कि गोदियाल के कार्यकाल में ही नौटियाल को व्यक्तिगत सहायक के पद पर नियुक्ति दी गई। वो कोई निजी सचिव नहीं है बल्कि समिति का स्थाई कर्मचारी है।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सहायक एक विभागीय पद है और आरोपित पहले यहां इंटरनेट कॉर्डिनेटर था जिसकी गलत तरीके से व्यक्तिगत सहायक के पद पर नियुक्ति भी गणेश गोदियाल द्वारा की गई।

उन्होंने कहा कि चोरी की घटना का खुलासा होने पर आरोपित को समिति की ओर से नोटिस जारी करने के साथ ही जांच समिति गठित कर दी गई थी। आरोपी को निलंबित करने के साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उन्होंने की सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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‘टीएमसी को खत्म करना है तो पहले मुझे मारना होगा’- ममता बनर्जी https://bharatsamwad.com/if-you-want-to-destroy-tmc-then-you-will-have-to-kill-me-first-mamata-banerjee/ Fri, 10 Jul 2026 08:02:51 +0000 https://bharatsamwad.com/if-you-want-to-destroy-tmc-then-you-will-have-to-kill-me-first-mamata-banerjee/

‘टीएमसी के नेताओं को डराया जा रहा है’—ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना

कोलकाता।  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक हलचल के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी कर भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बना रही है। ममता ने कहा कि अगर कोई उन्हें चुप कराना चाहता है या टीएमसी को खत्म करने की कोशिश करेगा, तो पहले उसे उन्हें खत्म करना होगा।

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

अपने वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने टीएमसी नेताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई और पार्टी पर बढ़ते दबाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सुनियोजित तरीके से टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का प्रयास कर रही है, ताकि पार्टी को कमजोर किया जा सके।

ममता ने कहा कि उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को लगातार निशाना बनाया गया है। उन्होंने महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन नेताओं पर राजनीतिक हमले किए गए। उन्होंने कहा, “आपने किसे नहीं निशाना बनाया? महुआ, अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी पर हमला किया और यहां तक कि मेरे घर तक को नहीं छोड़ा।”

हिरासत में सहयोगियों के साथ दुर्व्यवहार का दावा

टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि उनके कई सहयोगियों के साथ पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई नेताओं को जेल में फर्श पर सोने के लिए मजबूर किया गया, कुछ को कमर में रस्सी और पैरों में हथकड़ी लगाकर घुमाया गया, जबकि कुछ का सिर मुंडवा दिया गया। ममता ने यह भी दावा किया कि कुछ लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिसका जिक्र करना भी शर्मनाक है।

पार्टी में बढ़ी अंदरूनी चुनौती

ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तृणमूल कांग्रेस अंदरूनी असंतोष और बगावत जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं और संगठन में टूट की अटकलें तेज हैं। बताया जा रहा है कि बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को करीब 60 विधायकों का समर्थन हासिल है।

टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल हुए तीन पूर्व सांसद

इसी बीच गुरुवार को टीएमसी के तीन पूर्व सांसद—सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक—भाजपा में शामिल हो गए। कोलकाता के साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें पार्टी के साथ विश्वासघात करने वाला बताया था। उन्होंने कहा था कि जनता को ऐसे नेताओं को माफ नहीं करना चाहिए, जो टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। साथ ही उन्होंने नेताओं से दोहरी राजनीति से बचने और अपने फैसलों पर गंभीरता से विचार करने की अपील भी की।

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आरोपियों से जुड़े लोगों को जांच समिति में शामिल करना गलत- गोदियाल https://bharatsamwad.com/godiyal-wrong-to-include-people-associated-with-the-accused-in-the-investigation-committee/ Mon, 06 Jul 2026 11:00:56 +0000 https://bharatsamwad.com/godiyal-wrong-to-include-people-associated-with-the-accused-in-the-investigation-committee/

बदरीनाथ चढ़ावा विवाद- जांच समिति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर दान में अनियमितता और चोरी के आरोप लग रहे हैं, उन्हीं से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच समिति में शामिल करना न्याय और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है। यह स्थिति “बिल्ली को ही दूध की रखवाली सौंपने” जैसी है।

गोदियाल ने कहा कि इस प्रकार गठित जांच समिति से निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच विधानसभा की संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी) से कराई जाए, जिसकी अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष करें, ताकि आम जनता और करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके। यदि सरकार इस पर सहमत नहीं है, तो जांच प्रक्रिया की निगरानी उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास इस मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करने का अवसर था, लेकिन जिस प्रकार केदारनाथ स्वर्ण प्रकरण में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, उसी तरह इस मामले में भी सरकार की मंशा संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि जब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सहायकों पर ही आरोप लग रहे हों और उसी तंत्र से जुड़े लोगों को जांच समिति का हिस्सा बनाया जाए, तो ऐसी जांच की विश्वसनीयता स्वतः समाप्त हो जाती है। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसी समिति की रिपोर्ट स्वीकार नहीं करेगी और इस मामले में स्वतंत्र, पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच की अपनी मांग पर कायम रहेगी।

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बदरीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी पर जवाब दे सरकार- कांग्रेस https://bharatsamwad.com/government-congress-should-answer-on-theft-of-offerings-from-badrinath-dham/ Sat, 04 Jul 2026 09:48:42 +0000 https://bharatsamwad.com/government-congress-should-answer-on-theft-of-offerings-from-badrinath-dham/

आखिर भाजपा किस उपलब्धि का जश्न मना रही-कांग्रेस

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए बद्रीनाथ एवं केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने महिला अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, अवैध खनन और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर भाजपा किस उपलब्धि का जश्न मना रही है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में धस्माना ने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे को लेकर उठे आरोप बेहद गंभीर हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि केदारनाथ मंदिर में सोने से जुड़े विवाद का सच आज तक सामने नहीं आया और अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोप भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच जेपीसी की निगरानी में कराने की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की आवश्यकता बताई। धस्माना ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, बेरोजगारी चरम पर है और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का विश्वास तोड़ा है।

उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना में कथित अनियमितताओं, अवैध खनन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों में देरी का भी मुद्दा उठाया। उनके अनुसार इन गंभीर समस्याओं के बावजूद सरकार उत्सव मनाने में व्यस्त है।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में चल रही परिवर्तन संकल्प यात्रा को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और आने वाले समय में जनता भाजपा को इन मुद्दों पर जवाब देगी। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश कौशल, वरिष्ठ नेता सुशील डोभाल तथा आनंद सिंह पुंडीर भी उपस्थित रहे।

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तेजस्वी का बड़ा ऐलान, कहा- सरकार बनते ही महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे 30 हजार रुपये https://bharatsamwad.com/tejashwi-yadav-made-a-big-announcement-saying-that-rs-30000-will-be-transferred-to-womens-accounts-as-soon-as-the-government-is-formed/ Tue, 04 Nov 2025 09:40:07 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=20897

तेजस्वी बोले- किसानों को सिंचाई के लिए बिजली होगी बिल्कुल फ्री

पटना। बिहार में चुनावी सरगर्मी बढ़ते ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री फेस तेजस्वी यादव ने मंगलवार को एक और बड़ा वादा कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन सत्ता में लौटता है तो “माई बहिन योजना” के तहत महिलाओं को एक साल की पूरी किस्त एकमुश्त 30 हजार रुपये सीधे खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। तेजस्वी ने दावा किया कि सरकार बनने के बाद 14 जनवरी के दिन पहली ही फाइल पर साइन कर यह राशि ट्रांसफर करा दी जाएगी।

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि जीविका (कम्युनिटी मोबिलाइजर) को स्थायी करने और उन्हें हर महीने 30 हजार रुपये मानदेय देने का फैसला भी सरकार बनते ही लागू कर दिया जाएगा। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त देने का वादा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में 55 पैसा प्रति यूनिट वसूली जाती है, लेकिन महागठबंधन सरकार इसे शून्य कर देगी। साथ ही राज्य के 8463 पैक्स को जनप्रतिनिधि का दर्जा भी देने की बात कही।

नौकरी के मुद्दे पर तेजस्वी ने कहा कि हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देना उनकी प्राथमिकता है। बजट के सवाल पर उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों से सलाह के बाद ही यह घोषणा हुई है। 17 महीने के अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने 5 लाख नौकरियां दी थीं और साढ़े तीन लाख नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की थी। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि भाजपा वाले इस पर कुछ नहीं बोलते, क्योंकि उन्हें मालूम है कि यह सब संभव है।

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