National – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com National News Portal Wed, 03 Jun 2026 11:01:03 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://bharatsamwad.com/wp-content/uploads/2024/01/cropped-Bharat-Samwad-512x512-1-32x32.png National – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com 32 32 मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 21 लोगों की मौत, कई घायल https://bharatsamwad.com/massive-fire-breaks-out-at-malviya-nagar-restaurant-21-dead-several-injured/ Wed, 03 Jun 2026 11:01:03 +0000 https://bharatsamwad.com/massive-fire-breaks-out-at-malviya-nagar-restaurant-21-dead-several-injured/

आग में झुलसी बहुमंजिला इमारत, कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की

नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। आग की चपेट में आने से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, आग हौज रानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी, जो एक बहुमंजिला इमारत के निचले हिस्से में संचालित किया जा रहा था। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों की ओर दौड़े, जबकि कुछ ने ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की।

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बचाव अभियान के दौरान बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुएं और लपटों ने पूरे भवन को घेर लिया था। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया। आसपास के व्यापारियों और निवासियों ने फंसे लोगों को बाहर निकालने के प्रयास किए। एक स्थानीय दुकानदार ने सड़क पर गद्दे बिछाकर ऊपरी मंजिलों से कूदने वाले लोगों की जान बचाने में मदद की।

प्रशासन के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में आग बेसमेंट या रेस्टोरेंट क्षेत्र से शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

घटना के बाद प्रशासन ने इमारत की फायर सेफ्टी व्यवस्था और आवश्यक अनुमति पत्रों की भी जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि भवन और रेस्टोरेंट के पास फायर एनओसी सहित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, भाजपा सांसद मनोज तिवारी तथा अन्य नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना को दुखद बताते हुए सभी एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं विपक्षी नेताओं ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, जबकि पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के कारणों और संभावित जिम्मेदारियों का खुलासा हो सकेगा।

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पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी, 10 दिनों में चौथी बार बढ़े रेट https://bharatsamwad.com/petrol-and-diesel-prices-rise-again-rates-hiked-for-the-fourth-time-in-10-days/ Mon, 25 May 2026 05:12:41 +0000 https://bharatsamwad.com/petrol-and-diesel-prices-rise-again-rates-hiked-for-the-fourth-time-in-10-days/

ईंधन महंगा होने से बढ़ी आम जनता की चिंता

नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि दर्ज की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करते हुए दोनों ईंधनों के दाम बढ़ा दिए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार इजाफा आने वाले समय में महंगाई को भी प्रभावित कर सकता है।

अंतरराष्ट्रीय कारणों से बढ़ रहा दबाव

जानकारों के अनुसार वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये की कमजोरी और आयात लागत में वृद्धि का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है। लंबे समय तक दरों में स्थिरता बनाए रखने के बाद तेल कंपनियां अब बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए चरणबद्ध तरीके से कीमतों में संशोधन कर रही हैं। इसी कारण हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम लगातार बढ़े हैं।

प्रमुख महानगरों में पेट्रोल के नए रेट

नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में भी पेट्रोल के दाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महानगरों में रहने वाले वाहन मालिकों को अब ईंधन पर पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा।

शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) बढ़ोतरी
दिल्ली 102.12 रुपये 2.61 रुपये
कोलकाता 113.51 रुपये 2.87 रुपये
मुंबई 111.21 रुपये 2.72 रुपये
चेन्नई 107.77 रुपये 2.46 रुपये

डीजल की कीमतों में भी उछाल

पेट्रोल के साथ-साथ डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। परिवहन और माल ढुलाई में डीजल की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण इसके महंगा होने का असर कई अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बनने की संभावना जताई जा रही है।

शहर डीजल की कीमत (प्रति लीटर) बढ़ोतरी
दिल्ली 95.20 रुपये 2.71 रुपये
कोलकाता 99.82 रुपये 2.80 रुपये
मुंबई 97.83 रुपये 2.81 रुपये

महंगाई पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य सामग्री, कृषि उत्पाद, दूध, फल-सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। डीजल महंगा होने से किसानों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की लागत भी बढ़ सकती है, जिसका असर अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

सरकार पर विपक्ष का हमला

ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कई चरणों में वृद्धि की गई है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है और महंगाई की समस्या और गंभीर हो सकती है।

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सोशल मीडिया पर छिड़ी ‘वर्चुअल सियासत’, OJP और CJP के बीच बढ़ी डिजिटल जंग https://bharatsamwad.com/virtual-politics-erupts-on-social-media-digital-war-escalates-between-ojp-and-cjp/ Sat, 23 May 2026 07:02:59 +0000 https://bharatsamwad.com/virtual-politics-erupts-on-social-media-digital-war-escalates-between-ojp-and-cjp/

नई दिल्ली- सोशल मीडिया पर शुरू हुई व्यंग्यात्मक सियासत में अब एक नया मोड़ आ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को चुनौती देने के लिए ऑगी जनता पार्टी (OJP) नाम की नई वर्चुअल पार्टी सामने आई है। दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर एक-दूसरे पर निशाना साधते हुए लगातार पोस्ट और अभियानों के जरिए चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।

ऑगी जनता पार्टी ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके कथित राजनीतिक संबंधों पर सवाल उठाए हैं। ओजेपी ने एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट को साझा करते हुए दावा किया कि सीजेपी पूरी तरह निष्पक्ष नहीं है। वहीं ओजेपी ने खुद को केवल “कड़वी सच्चाई सामने लाने वाला मंच” बताते हुए कहा कि उसका उद्देश्य सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सवाल उठाना है।

इस वर्चुअल टकराव के बीच ओजेपी ने नीट पेपर लीक विवाद और पशु अधिकार जैसे मुद्दों को भी अपने अभियान का हिस्सा बनाया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई, वहीं एक छह सूत्रीय पशु अधिकार घोषणापत्र जारी कर देश में पशु क्रूरता विरोधी सख्त कानून बनाने की मांग की है।

दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी भी सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रही है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन पिटीशन शुरू की, जिस पर लाखों लोगों ने समर्थन जताया। इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर दोनों वर्चुअल पार्टियों के फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने अभिजीत दीपके के परिवार की चिंता भी बढ़ा दी है। उनके माता-पिता ने कहा कि बेटे की अचानक बढ़ती लोकप्रियता और सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर उन्हें डर है कि कहीं वह किसी कानूनी या राजनीतिक विवाद में न फंस जाए।

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CBSE ने बढ़ाई आवेदन की अंतिम तिथि, अब 24 मई तक मिलेगी उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी https://bharatsamwad.com/cbse-extends-application-deadline-scanned-copies-of-answer-sheets-now-available-until-may-24/ Fri, 22 May 2026 11:32:40 +0000 https://bharatsamwad.com/cbse-extends-application-deadline-scanned-copies-of-answer-sheets-now-available-until-may-24/

दिल्ली- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब छात्र 24 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 23 मई तय की गई थी।

सीबीएसई ने बताया कि छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। पिछले कुछ दिनों से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट तकनीकी समस्याओं से जूझ रही थी, जिसके कारण कई छात्रों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बोर्ड के अनुसार वेबसाइट पर अत्यधिक ट्रैफिक और अनधिकृत हस्तक्षेप के प्रयासों की वजह से सर्वर प्रभावित हुआ था। इसके चलते कई छात्र समय पर अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे। अब छात्रों को आवेदन के लिए एक अतिरिक्त दिन का मौका दिया गया है।

सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

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बंगाल के सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य, राज्य सरकार का बड़ा फैसला https://bharatsamwad.com/singing-of-vande-mataram-made-mandatory-in-all-bengal-madrasas-major-decision-by-state-government/ Thu, 21 May 2026 06:56:27 +0000 https://bharatsamwad.com/singing-of-vande-mataram-made-mandatory-in-all-bengal-madrasas-major-decision-by-state-government/

बंगाल में स्कूलों के बाद अब मदरसों में भी अनिवार्य हुआ ‘वंदे मातरम’

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने मदरसों को लेकर एक अहम फैसला लिया है। राज्य के अल्पसंख्यक कार्य एवं मदरसा शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी करते हुए सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ के गायन को अनिवार्य कर दिया है। यह नियम सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त सभी मदरसों पर लागू होगा। सरकार के इस फैसले के बाद राज्यभर के मदरसों में इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।

दरअसल, हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग ने भी राज्य के सभी स्कूलों को निर्देश दिया था कि हर दिन कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा में ‘वंदे मातरम’ का गायन सुनिश्चित किया जाए। विभाग का कहना था कि छात्रों में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसी क्रम में अब मदरसों को भी इस दायरे में शामिल कर लिया गया है।

राज्य सरकार का यह निर्णय केंद्र सरकार के उस निर्देश के बाद सामने आया है, जिसमें ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में इसके गायन को प्रोत्साहित करने की बात कही गई थी। हालांकि, नए आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अब तक स्कूलों में गाए जाने वाले राज्य गीत ‘बांग्लार माटी, बांग्लार जल’ का क्या होगा और क्या उसे आगे भी जारी रखा जाएगा।

इस बीच कुछ स्कूलों और शिक्षण संस्थानों ने व्यावहारिक परेशानियों का मुद्दा भी उठाया है। कई प्रधानाचार्यों का कहना है कि राष्ट्रगान पहले से अनिवार्य है, ऐसे में वंदे मातरम और राज्य गीत को भी शामिल करने से प्रार्थना सभा का समय बढ़ जाएगा और कक्षाओं के संचालन पर असर पड़ सकता है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आदेश केवल ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी किया गया है और राज्य गीत के संबंध में कोई अलग निर्देश नहीं दिए गए हैं। वहीं, कई शिक्षण संस्थानों ने इस फैसले को लागू करना भी शुरू कर दिया है। जादवपुर विद्यापीठ के प्रधानाध्यापक पार्थ प्रतिम बैद्य ने बताया कि उनके स्कूल में पिछले सप्ताह से राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम’ गाया जा रहा है।

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NEET-UG 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित, 21 जून को होगी परीक्षा https://bharatsamwad.com/neet-ug-2026-re-exam-date-announced-exam-to-be-held-on-june-21/ Fri, 15 May 2026 08:05:15 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=24602

छात्रों की मेहनत से समझौता नहीं, NTA ने NEET री-एग्जाम पर दिया भरोसा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) को लेकर जारी विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है। अब देशभर में यह परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में घिर गई थी, जिसके चलते मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

एनटीए ने जारी बयान में कहा कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून, रविवार को कराने का फैसला लिया गया है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर चर्चा की। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न हो सके।

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने भी भरोसा दिलाया कि छात्रों की मेहनत के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से ईमानदारी से तैयारी कर रहे लाखों छात्रों का नुकसान हुआ है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी छात्र या अभिभावक के पास पेपर लीक से जुड़ी कोई जानकारी है तो वे उसे ईमेल के जरिए साझा कर सकते हैं, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

इधर, NEET विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 2026-27 सत्र के लिए NEET परीक्षा से छूट देने की मांग की है। उन्होंने राज्यों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिला देने की अनुमति देने की बात कही है।

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हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार बने असम के मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ https://bharatsamwad.com/himanta-biswa-sarma-becomes-assams-chief-minister-for-the-second-time-governor-administers-oath/ Tue, 12 May 2026 11:04:26 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=24498

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद 

गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ चार विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें भाजपा के रामेश्वर तेली और अजंता नियोग, असम गण परिषद (AGP) के अतुल बोरा तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के चरण बोरो शामिल हैं। नई सरकार में सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व देकर एनडीए ने गठबंधन की मजबूती का संदेश दिया है।

शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सर्बानंद सोनोवाल, पवित्र मार्घेरिटा, कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए। समारोह को लेकर पूरे गुवाहाटी में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

असम विधानसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 में से 101 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा गठबंधन को 81 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगी दल AGP और BPF ने 10-10 सीटों पर कब्जा जमाया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी अपनी सीट रिकॉर्ड मतों से जीतकर राजनीतिक मजबूती दिखाई।

नई सरकार में शामिल रामेश्वर तेली को जनजातीय समुदाय का बड़ा चेहरा माना जाता है। वह केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं और लंबे राजनीतिक अनुभव के चलते उन्हें अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं अजंता नियोग लगातार छठी बार विधायक चुनी गई हैं और पिछली सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा भी एक बार फिर मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। छात्र राजनीति से उभरे बोरा लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं। वहीं चरण बोरो बोडोलैंड क्षेत्र के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और भाजपा-बीपीएफ गठबंधन को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनावी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार की विकास नीतियों को दिया। नई सरकार से राज्य में विकास परियोजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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शुभेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ https://bharatsamwad.com/suvendu-adhikari-becomes-west-bengals-new-chief-minister-governor-administers-oath/ Sat, 09 May 2026 08:03:04 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=24400

दिलीप घोष समेत पांच नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार का गठन हुआ। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

राज्यपाल आर. एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया। समारोह में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के पांच नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। हालांकि, मंत्रियों के विभागों का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह जीत राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। वहीं नई सरकार के सामने कानून-व्यवस्था, रोजगार, उद्योग और विकास जैसे मुद्दों पर बेहतर प्रदर्शन की चुनौती भी रहेगी।

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सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल होगा शपथ ग्रहण https://bharatsamwad.com/suvendu-adhikari-to-be-west-bengals-new-chief-minister-swearing-in-ceremony-to-take-place-tomorrow/ Fri, 08 May 2026 12:03:04 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=24372

अमित शाह की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर लगी मुहर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में भाजपा विधायकों ने एकमत होकर उनके नाम का समर्थन किया। अब शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया। इसके बाद अमित शाह ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। शाह ने कहा कि विधायक दल की बैठक में कई प्रस्ताव आए, लेकिन अंततः सभी विधायक एक ही नाम पर सहमत दिखे और सर्वसम्मति से नेता का चयन किया गया।

मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के आठ विधायकों ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा था। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब वह पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा ऐतिहासिक आयोजन के रूप में पेश करने की तैयारी में है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। समारोह में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। तृणमूल शासन के दौरान मारे गए 200 से अधिक कार्यकर्ताओं के परिवारों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

बैठक से पहले अमित शाह ने कोलकाता स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद पार्टी नेताओं के साथ सरकार गठन तथा मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की। बताया जा रहा है कि नई सरकार की प्राथमिकताओं और विभागों के बंटवारे पर भी मंथन हुआ।

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने भाजपा नेताओं के बंगाल नहीं आने के दावे किए थे, उन्हें जनता ने जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद नेतृत्व को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।

इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। 2021 के चुनाव में भाजपा को 77 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी ने ऐतिहासिक बढ़त बनाते हुए पहली बार बंगाल में सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।

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उस्मान खान को सुप्रीम कोर्ट का झटका, विशेष अनुमति याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज https://bharatsamwad.com/supreme-court-blow-to-usman-khan-special-leave-petition-dismissed/ Fri, 08 May 2026 07:51:41 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=24349

उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले उस्मान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिल सकी। देश की सर्वोच्च अदालत ने उस्मान खान की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट का पूर्व आदेश फिलहाल प्रभावी बना रहेगा।

मामले की सुनवाई 5 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ में हुई, जिसमें जस्टिस संजय कुमार और के. विनोद चंद्रन शामिल थे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गगन गुप्ता समेत अन्य वकीलों ने अपना पक्ष रखा।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने का कोई उचित आधार नहीं बनता है। अदालत ने एसएलपी खारिज करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े सभी लंबित आवेदन स्वतः समाप्त माने जाएंगे।

यह याचिका उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल द्वारा 27 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब हाईकोर्ट का आदेश लागू रहेगा और याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत नहीं मिल पाई है।

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