Business – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com National News Portal Fri, 29 May 2026 05:44:39 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://bharatsamwad.com/wp-content/uploads/2024/01/cropped-Bharat-Samwad-512x512-1-32x32.png Business – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com 32 32 शेयर बाजार ने पकड़ी रफ्तार, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में खुले https://bharatsamwad.com/stock-market-picks-up-pace-sensex-nifty-opens-in-green/ Fri, 29 May 2026 05:44:39 +0000 https://bharatsamwad.com/stock-market-picks-up-pace-sensex-nifty-opens-in-green/

नई दिल्ली- घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। गुरुवार को बकरीद के कारण बंद रहे बाजार में आज निवेशकों ने खरीदारी का रुख अपनाया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में बाजार ने बुधवार की गिरावट से उबरते हुए सकारात्मक संकेत दिए।

कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स में 350 अंकों से अधिक की तेजी देखने को मिली और यह 76 हजार के पार पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 24 हजार के करीब कारोबार करता नजर आया। हालांकि कुछ समय बाद बाजार में हल्की बिकवाली हावी हुई, जिससे बढ़त सीमित हो गई। सुबह करीब 9:27 बजे सेंसेक्स लगभग 76 हजार के स्तर पर और निफ्टी 23,900 के ऊपर कारोबार करता दिखा।

विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेत और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी के चलते निवेशकों का भरोसा बना रहा। बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में शुरुआती तेजी ने बाजार को समर्थन दिया। वहीं रुपये में भी डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती दर्ज की गई।

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शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 150 अंक लुढ़का, निफ्टी 24 हजार के नीचे https://bharatsamwad.com/weak-start-for-stock-market-sensex-slumps-150-points-nifty-drops-below-24000/ Tue, 26 May 2026 07:28:39 +0000 https://bharatsamwad.com/weak-start-for-stock-market-sensex-slumps-150-points-nifty-drops-below-24000/

नई दिल्ली- घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स में 150 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया। शुरुआती सत्र में खासतौर पर एविएशन और टेलीकॉम सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा।

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स एक समय 260 अंकों से ज्यादा गिरकर 76,200 के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,000 के आसपास आ गया। सुबह करीब 9:19 बजे सेंसेक्स 99 अंकों की कमजोरी के साथ 76,389 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, वहीं निफ्टी भी हल्की गिरावट के साथ 24,004 के आसपास बना रहा। इस दौरान भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे कमजोर होकर 95.40 पर पहुंच गया।

शेयरों की बात करें तो इंडिगो, भारती एयरटेल, सन फार्मा, ट्रेंट, टाइटन कंपनी और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में करीब 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओरइंफोसिस , टेक महिंद्रा, टीसीएस, बीईएल और एचसीएल टेक के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बाजार में व्यापक दबाव नजर आया। ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटो सेक्टर में गिरावट रही, जबकि पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर में हल्की मजबूती दर्ज की गई।

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शेयर बाजार की धमाकेदार शुरुआत, सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 23950 के पार https://bharatsamwad.com/stock-market-off-to-a-flying-start-sensex-jumps-800-points-nifty-crosses-23950/ Mon, 25 May 2026 07:28:44 +0000 https://bharatsamwad.com/stock-market-off-to-a-flying-start-sensex-jumps-800-points-nifty-crosses-23950/

नई दिल्ली- घरेलू शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन जोरदार बढ़त के साथ शुरुआत की। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर नजर आए। सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाकर 76,200 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी करीब 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया।

बाजार में तेजी की मुख्य वजह बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खरीदारी रही, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके साथ ही रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर करीब 95.35 पर पहुंच गया, जो विदेशी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

वैश्विक संकेतों ने भी बाजार को मजबूती दी। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों की चिंता कम की है। Brent Crude Oil करीब 5% से ज्यादा गिरकर 100 डॉलर के नीचे आ गया, जिससे भारत जैसे आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई पर दबाव कम होगा और कंपनियों के मुनाफे में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली अभी भी बाजार के लिए एक चुनौती बनी हुई है, जिससे आगे उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

शुरुआती कारोबार में महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि आईटी और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयर दबाव में रहे।

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उतार-चढ़ाव के बीच शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद https://bharatsamwad.com/stock-market-rallies-amid-volatility-sensex-and-nifty-close-with-gains/ Fri, 22 May 2026 10:49:49 +0000 https://bharatsamwad.com/stock-market-rallies-amid-volatility-sensex-and-nifty-close-with-gains/

नई दिल्ली- सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सकारात्मक रुख देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयरों में खरीदारी के चलते सेंसेक्स 231.99 अंकों की मजबूती के साथ 75,415.35 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 64.60 अंक चढ़कर 23,719.30 के स्तर पर पहुंच गया।

कारोबार की शुरुआत में भी बाजार में तेजी का माहौल बना रहा। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में नरमी की उम्मीद और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। एशियाई बाजारों में भी इस दौरान मजबूती देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 332 अंकों से अधिक उछलकर 75,500 के पार पहुंच गया था, वहीं निफ्टी भी 23,700 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। हालांकि दिनभर के उतार-चढ़ाव के बीच बाजार ने अंत में बढ़त बनाए रखी।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां और डेरिवेटिव्स से जुड़े अनुबंधों की एक्सपायरी को देखते हुए निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की जरूरत है।

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आईटी और FMCG शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में, सेंसेक्स 135 अंक टूटा https://bharatsamwad.com/market-under-pressure-due-to-sell-off-in-it-and-fmcg-stocks-sensex-drops-135-points/ Thu, 21 May 2026 11:45:30 +0000 https://bharatsamwad.com/market-under-pressure-due-to-sell-off-in-it-and-fmcg-stocks-sensex-drops-135-points/

नई दिल्ली- भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार बेहद सीमित दायरे में रहा और दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जबकि रियल्टी शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाए रखा।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 135 अंकों की गिरावट के साथ 75,183.36 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी मामूली कमजोरी के साथ 23,654.70 पर बंद हुआ। बाजार में पूरे दिन निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना रहा।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निवेशकों ने इन सेक्टरों में मुनाफावसूली की, जिससे बड़े शेयर कमजोर रहे। दूसरी तरफ रियल्टी सेक्टर में जोरदार खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और कई रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे छोटे निवेशकों का भरोसा कायम दिखाई दिया।

दिन के कारोबार में बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और बजाज फिनसर्व के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। वहीं ग्रासिम, इंडिगो, अपोलो हॉस्पिटल, बजाज ऑटो और ट्रेंट के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और ये बाजार के टॉप गेनर्स रहे।

उधर, बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया विक्स करीब 3.36 प्रतिशत गिरकर 17.82 पर आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक यह संकेत है कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हुई है और बाजार में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है।

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शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा टूटा https://bharatsamwad.com/massive-decline-in-stock-market-sensex-plunges-over-1300-points/ Mon, 11 May 2026 10:47:44 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=24455

नई दिल्ली- सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की जोरदार बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे, जबकि रुपये ने भी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचला स्तर छू लिया। बाजार में आई इस कमजोरी से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1300 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी बड़ी गिरावट के साथ नीचे फिसल गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक चिंताओं के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।

मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपया दबाव में दिखाई दिया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बड़ी गिरावट के साथ अपने अब तक के सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच गया। रुपये की कमजोरी ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार और रुपये में एक साथ आई गिरावट ने आर्थिक माहौल को प्रभावित किया है। निवेशक फिलहाल बाजार की अगली दिशा और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं।

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मुनाफावसूली से सोना-चांदी में बड़ी गिरावट https://bharatsamwad.com/profit-taking-leads-to-a-sharp-decline-in-gold-and-silver-prices/ Tue, 27 Jan 2026 08:09:51 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=22216

रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद चांदी 7% से ज्यादा टूटी, सोना भी फिसला

नई दिल्ली- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा लाभ सुरक्षित करने की रणनीति अपनाए जाने से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। खास तौर पर चांदी के दामों में तेज टूट देखने को मिली, जबकि सोना भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।

वैश्विक वायदा बाजार में सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालांकि यह अब भी मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है। वहीं चांदी, जो हाल ही में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंची थी, वहां से फिसलकर नीचे आ गई। जानकारों के मुताबिक, रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद भारी बिकवाली ने चांदी की चाल को अचानक पलट दिया।

घरेलू बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में सोने और चांदी के दाम ऊंचे बने हुए हैं। 24 कैरेट सोने की कीमत नए स्तर पर पहुंच गई है, जबकि चांदी भी प्रति किलो रिकॉर्ड भाव पर कारोबार कर रही है। दिल्ली, मुंबई और पटना जैसे प्रमुख शहरों में सोने के अलग-अलग कैरेट और चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर दर्ज किए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि साल की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली है। कमजोर डॉलर, सरकारी बॉन्ड से घटता रुझान और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। निवेशक मुद्रा की घटती क्रय शक्ति के डर से सोने-चांदी जैसी वास्तविक संपत्तियों को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में कीमती धातुओं का रुझान सकारात्मक बना रह सकता है। वैश्विक अस्थिरता, राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते कीमतों में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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Motorola Edge 50 Fusion पर मिला तगड़ा डिस्काउंट, जानिए ऑफर की पूरी डिटेल https://bharatsamwad.com/motorola-edge-50-fusion-gets-a-big-discount-know-the-full-details-of-the-offer/ Sat, 04 Oct 2025 10:45:36 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=20461

Flipkart Big Billion Days के बाद भी जारी है धमाकेदार डील्स

Flipkart की Big Billion Days सेल भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन ऑफर्स अब भी जारी हैं। अगर आप एक स्टाइलिश और पावरफुल Motorola स्मार्टफोन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह मौका आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है। फिलहाल Flipkart पर Motorola Edge 50 Fusion पर बड़ा डिस्काउंट दिया जा रहा है, जिससे इसकी कीमत काफी घट गई है।

Motorola Edge 50 Fusion पर ऑफर

Motorola Edge 50 Fusion की लॉन्चिंग कीमत भारत में ₹22,999 रखी गई थी। लेकिन फिलहाल Flipkart पर यह स्मार्टफोन केवल ₹18,999 में उपलब्ध है — यानी सीधा ₹4,000 का फ्लैट डिस्काउंट। इसके अलावा, bबैंक ऑफर्स के तहत अतिरिक्त कैशबैक मिल सकता है। पुराना फोन एक्सचेंज करने पर ₹14,620 रुपये तक की अतिरिक्त छूट भी मिल रही है। ध्यान दें कि एक्सचेंज वैल्यू आपके पुराने फोन की कंडीशन पर निर्भर करेगी।

Motorola Edge 50 Fusion के स्पेसिफिकेशंस

डिस्प्ले: 6.7-इंच FHD+ pOLED कर्व्ड डिस्प्ले, 144Hz रिफ्रेश रेट,1,600 निट्स पीक ब्राइटनेस

प्रोसेसर: Qualcomm Snapdragon 7s Gen 2

GPU: Adreno 710

रैम/स्टोरेज: 12GB तक LPDDR4X RAM और 256GB तक UFS 2.2 स्टोरेज

कैमरा फीचर्स

रियर कैमरा: 50MP Sony LYTIA 700C (OIS सपोर्ट) + 13MP अल्ट्रा-वाइड लेंस , फ्रंट कैमरा: 32MP सेल्फी कैमरा

बैटरी और चार्जिंग

फोन में 5,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 68W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कंपनी का दावा है कि यह फोन कुछ ही मिनटों में घंटों का बैकअप दे सकता है।

सीमित समय के लिए ऑफर

Flipkart का यह ऑफर लिमिटेड टाइम के लिए है। अगर आप Motorola Edge 50 Fusion खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह अपग्रेड करने का सबसे सही समय हो सकता है।

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नए जीएसटी सुधारों से देशवासियों की जेब में बचेंगे दो लाख करोड़- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण https://bharatsamwad.com/new-gst-reforms-will-save-rs-2-lakh-crore-in-the-pockets-of-the-countrymen-finance-minister-nirmala-sitharaman/ Sat, 20 Sep 2025 07:39:38 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=20105

22 सितंबर से बदलेंगे जीएसटी नियम, आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत

चेन्नई। आगामी 22 सितंबर से लागू होने वाले नए जीएसटी सुधारों को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि संशोधित दरों के कारण उपभोक्ताओं की जेब में करीब दो लाख करोड़ रुपये बचेंगे। उनका कहना है कि इस बचत से घरेलू खपत और बाजार की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।

तमिलनाडु फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के 80वें स्थापना दिवस समारोह में वित्त मंत्री ने बताया कि अब जीएसटी की दरों को चार स्लैब से घटाकर दो स्लैब में समेटा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि इस बदलाव का सीधा लाभ गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे-मध्यम उद्योगों तक पहुंचे।

सीतारमण ने कहा कि नए सुधारों से सामान की कीमतों में कमी आएगी, जिससे खरीदारी बढ़ेगी। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि लोग साबुन जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं अधिक मात्रा में खरीदते हैं तो उत्पादन बढ़ेगा, जिससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे और टैक्स वसूली भी बढ़ेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी लागू होने से पहले देश में टैक्स देने वाले उद्यमियों की संख्या जहां 65 लाख थी, वहीं अब यह बढ़कर 1.5 करोड़ तक पहुंच चुकी है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना पर पलटवार करते हुए सीतारमण ने कहा कि जीएसटी को “गब्बर सिंह टैक्स” बताना पूरी तरह गलत है। इसके विपरीत इस व्यवस्था ने टैक्स आधार को मजबूत किया है। उनका कहना है कि पिछले आठ वर्षों में सरकार ने किसी भी वस्तु पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है, बल्कि अब दरों में कटौती कर लोगों को सीधा लाभ देने की कोशिश की जा रही है।

सीतारमण का मानना है कि ये सुधार न केवल आम लोगों और एमएसएमई को राहत देंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगे।

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जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार से खुलेगी अर्थव्यवस्था, घटेगा अनुपालन बोझ: वित्त मंत्री सीतारमण https://bharatsamwad.com/next-generation-reforms-in-gst-will-open-up-the-economy-reduce-compliance-burden-finance-minister-sitharaman/ Tue, 02 Sep 2025 11:43:31 +0000 https://bharatsamwad.com/?p=19528

चेन्नई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की अर्थव्यवस्था को अधिक खुला, पारदर्शी और सरल बनाएंगे। इसके साथ ही ये सुधार अनुपालन बोझ (compliance burden) को भी कम करेंगे, जिससे छोटे और मध्यम व्यवसायों को बड़ी राहत मिलेगी।

वित्त मंत्री चेन्नई में आयोजित सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रही थीं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हाल ही में अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य विनियमों को सरल बनाना, अनुपालन लागत में कटौती करना और स्टार्टअप्स व एमएसएमई को अधिक सक्षम बनाना है।

सीतारमण ने कहा, “कल और परसों होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक से इन सुधारों की योजनाबद्ध शुरुआत हो रही है। आने वाले महीनों में यह पहल भारत की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से खुली और पारदर्शी बनाएगी। साथ ही छोटे व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेगी।”

जनधन खातों की सफलता पर प्रकाश

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में जनधन योजना की सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 56 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें अब तक 2.68 लाख करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इन खातों में से 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं, जबकि 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं — यह वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की परिसंपत्तियों की गुणवत्ता (asset quality) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे देश की बैंकिंग प्रणाली और अधिक स्थिर और मजबूत हुई है।

डिजिटल जागरूकता पर राष्ट्रपति मुर्मू की चिंता

इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद, देश में अब भी डिजिटल साक्षरता, इंटरनेट पहुंच और वित्तीय जागरूकता के मामले में कई चुनौतियां बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा, “बैंकिंग सेवाओं को दूरदराज के गांवों तक पहुंचाने का कार्य सराहनीय है, लेकिन अब वक्त है कि लोगों को तकनीकी और डिजिटल साक्षरता के माध्यम से बेहतर रूप से जोड़ने पर ध्यान दिया जाए।“

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने में बैंकों की भूमिका बेहद अहम है और बैंकिंग क्षेत्र को इस दिशा में और अधिक सक्रिय होना चाहिए।

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