Business – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com National News Portal Fri, 17 Jul 2026 09:44:50 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://bharatsamwad.com/wp-content/uploads/2024/01/cropped-Bharat-Samwad-512x512-1-32x32.png Business – Bharat Samwad https://bharatsamwad.com 32 32 सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा 13% बढ़ा, पहली तिमाही में 1,324 करोड़ रुपये का लाभ https://bharatsamwad.com/central-bank-of-indias-profit-increased-by-13-to-rs-1324-crore-in-the-first-quarter/ Fri, 17 Jul 2026 09:44:50 +0000 https://bharatsamwad.com/central-bank-of-indias-profit-increased-by-13-to-rs-1324-crore-in-the-first-quarter/

एनपीए घटा, मुनाफा बढ़ा; सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नतीजों ने किया प्रभावित

नई दिल्ली। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने इस दौरान मुनाफे में दोहरे अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की है। बेहतर ब्याज आय, घटते एनपीए और कम प्रावधान के चलते बैंक का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा, जिससे उसकी बैलेंस शीट पहले की तुलना में और अधिक सुदृढ़ दिखाई दे रही है।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से जारी वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ बढ़कर 1,324 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 1,169 करोड़ रुपये था। इस तरह बैंक के मुनाफे में करीब 13 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है।

आय और ब्याज कमाई में सुधार

बैंक की कुल आय में भी इस तिमाही के दौरान बढ़ोतरी देखने को मिली। अप्रैल-जून 2026 में बैंक की कुल आय 10,678 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले यह 10,360 करोड़ रुपये थी। वहीं, कर्ज पर मिलने वाली ब्याज आय बढ़कर 9,691 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 8,589 करोड़ रुपये थी। इससे स्पष्ट है कि बैंक के ऋण कारोबार में मजबूती बनी हुई है।

परिचालन लाभ में हल्की गिरावट

हालांकि बैंक के परिचालन लाभ में मामूली कमी दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में परिचालन लाभ 2,186 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 2,304 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद बैंक ने लागत नियंत्रण और प्रावधान में कमी के जरिए शुद्ध लाभ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हासिल की।

एनपीए में सुधार से मिली बड़ी राहत

बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है। जून 2026 के अंत तक ग्रॉस एनपीए घटकर 2.60 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 3.13 प्रतिशत था। वहीं, नेट एनपीए 0.49 प्रतिशत पर स्थिर बना रहा। खराब ऋणों में कमी आने से बैंक को प्रावधान घटाने में मदद मिली। इस दौरान प्रावधान 468 करोड़ रुपये से घटकर 346 करोड़ रुपये रह गया, जिससे मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ा।

पूंजी स्थिति हुई और मजबूत

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) भी मजबूत हुआ है। जून 2026 तिमाही के अंत तक यह बढ़कर 18.28 प्रतिशत पहुंच गया, जबकि एक वर्ष पहले यह 17.66 प्रतिशत था। इससे बैंक की वित्तीय क्षमता और भविष्य में कारोबार विस्तार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

सकारात्मक संकेत

पहली तिमाही के नतीजे बताते हैं कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लगातार अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत कर रहा है। मुनाफे में बढ़ोतरी, बेहतर ब्याज आय, घटते एनपीए और मजबूत पूंजी आधार बैंक के प्रदर्शन के सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि परिचालन लाभ में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन कुल मिलाकर बैंक का वित्तीय प्रदर्शन निवेशकों और बाजार के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।

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शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,677 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 के नीचे बंद https://bharatsamwad.com/heavy-fall-in-stock-market-sensex-fell-by-1677-points/ Wed, 08 Jul 2026 13:07:28 +0000 https://bharatsamwad.com/heavy-fall-in-stock-market-sensex-fell-by-1677-points/

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,677 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी भी 23,900 के स्तर से नीचे फिसल गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता के कारण अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली हावी रही। आईटी, बैंकिंग, ऑटो और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

कारोबार के दौरान निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जबकि विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

विशेषज्ञों ने निवेशकों को मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच घबराने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि बाजार में अस्थिरता कुछ समय तक बनी रह सकती है, इसलिए दीर्घकालिक निवेशकों को रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

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FY27 में १४% रहेगी क्रेडिट ग्रोथ, लिक्विडिटी और CD रेशियो सुधारने में सरकारी बैंक रहेंगे आगे https://bharatsamwad.com/credit-growth-will-be-14-in-fy27-government-banks-will-be-ahead-in-improving-liquidity-and-cd-ratio/ Mon, 06 Jul 2026 10:04:12 +0000 https://bharatsamwad.com/credit-growth-will-be-14-in-fy27-government-banks-will-be-ahead-in-improving-liquidity-and-cd-ratio/

 नई दिल्ली: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए नया वित्त वर्ष (FY27) स्थिरता और प्रगति लेकर आने वाला है। प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) की होरिजेंटल रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष २०२७ में बैंकों की लोन ग्रोथ (क्रेडिट ग्रोथ) सालाना आधार पर १४ प्रतिशत रहने का अनुमान है। खास बात यह है कि इस ग्रोथ और क्रेडिट-टू-डिपॉजिट (CD) रेशियो में सुधार का नेतृत्व निजी बैंकों के बजाय सरकारी बैंक (PSBs) करते हुए नजर आएंगे। यह बदलाव देश में लोन की मजबूत मांग और बैंकों की बदलती लिक्विडिटी आवश्यकताओं को रेखांकित करता है।

बैंकिंग प्रणाली में लिक्विडिटी (नकदी) संकट को दूर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने ३ से ५ साल की अवधि वाले विदेशी मुद्रा अनिवासी-B यानी FCNR(B) डिपॉजिट्स को कैश रिजर्व रेशियो (CRR) और स्टेट्यूटरी लिक्विडिटी रेशियो (SLR) की अनिवार्यताओं से पूरी तरह छूट दे दी है। मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, आरबीआई के इस अकेले फैसले से वित्त वर्ष २०२७ में देश के भीतर ४० से ५० अरब डॉलर (लगभग ३.३ से ४.१ लाख करोड़ रुपये) का भारी विदेशी मुद्रा प्रवाह होने की उम्मीद है, जिससे बैंकों की बिजनेस ग्रोथ को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा।

 रिपोर्ट के मुताबिक, १५ जून २०२६ तक बैंकिंग प्रणाली की सिस्टेमिक क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर १७.७ प्रतिशत दर्ज की जा चुकी थी। इस तेजी के पीछे कच्चे माल और इनपुट लागत में बढ़ोतरी के कारण कंपनियों द्वारा वर्किंग कैपिटल लोन की बढ़ती मांग है। इसके अलावा, वित्त वर्ष २०२७ की पहली तिमाही में बॉन्ड यील्ड बढ़ने की वजह से कॉरपोरेट्स ने बाजार से फंड जुटाने के बजाय सीधे बैंकों से कर्ज लेने को प्राथमिकता दी है।

 ब्याज दरों और शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) की बात करें, तो मई २०२६ में नए कर्जों पर यील्ड में सरकारी बैंकों के लिए ६ बेसिस पॉइंट (bps) की बढ़त देखी गई, जबकि निजी बैंकों के लिए यह ७ bps गिर गई। पिछले ६ महीनों से रेपो रेट स्थिर रहने के कारण बैंकों के मार्जिन पर हल्का दबाव है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बैंकों की एसेट क्वालिटी (लोन रिकवरी स्थिति) बेहद मजबूत बनी हुई है और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक संकट का भी इस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। आने वाले समय में कॉर्पोरेट लोन, एमएसएमई (MSME) और गोल्ड लोन इस ग्रोथ के मुख्य इंजन बने रहेंगे।

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रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना सीबीआई की गिरफ्त में, बैंक धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई तेज https://bharatsamwad.com/former-cfo-of-reliance-capital-amit-bapna-arrested-by-cbi-action-intensified-in-bank-fraud-case/ Sun, 05 Jul 2026 07:14:38 +0000 https://bharatsamwad.com/former-cfo-of-reliance-capital-amit-bapna-arrested-by-cbi-action-intensified-in-bank-fraud-case/

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अमित बापना को कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि यह कार्रवाई रिलायंस एडीए समूह से जुड़े वित्तीय लेनदेन और फंड डायवर्जन की जांच के तहत की गई है।

जांच एजेंसी के अनुसार, बापना पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी के वित्तीय मामलों से जुड़े कुछ ऐसे लेनदेन और ऋण स्वीकृतियों में भूमिका निभाई, जिनके जरिए उधार ली गई रकम को कथित तौर पर अन्य संस्थाओं तक पहुंचाया गया। सीबीआई का कहना है कि इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

अदालत में पेश किए जाने के बाद विशेष सीबीआई कोर्ट ने अमित बापना को पूछताछ के लिए एजेंसी की हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई का मानना है कि मामले की गहराई से जांच और धन के प्रवाह का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।

यह मामला रिलायंस एडीए समूह से जुड़े कथित बैंक ऋण अनियमितताओं की व्यापक जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसियां इस प्रकरण में कई पूर्व अधिकारियों और वित्तीय लेनदेन की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

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लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, Sensex 262 अंक चढ़ा, Nifty 24,250 के पार बंद https://bharatsamwad.com/sensex-rises-262-points-nifty-closes-above-24250-for-the-third-consecutive-day/ Fri, 03 Jul 2026 12:31:19 +0000 https://bharatsamwad.com/sensex-rises-262-points-nifty-closes-above-24250-for-the-third-consecutive-day/

भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को BSE Sensex 262 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 24,250 के स्तर को पार कर बंद हुआ। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और कई प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली।

कारोबार के दौरान फार्मा और आईटी शेयरों में अच्छी तेजी रही। Dr. Reddy’s Laboratories और Sun Pharma के शेयरों में करीब 2-2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा सकारात्मक वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ब्याज दरों को लेकर बेहतर उम्मीदों ने भी बाजार को समर्थन दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी, रुपये की मजबूती और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। रियल्टी और आईटी सेक्टर में अच्छी खरीदारी रही, जबकि अन्य सेक्टरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों का रुख सकारात्मक रहता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में मजबूती का सिलसिला जारी रह सकता है।

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महंगाई ने बढ़ाई आम आदमी की चिंता, टमाटर-अदरक से लेकर सोना-चांदी तक सब हुआ महंगा https://bharatsamwad.com/inflation-has-heightened-the-common-mans-concerns-everything-from-tomatoes-and-ginger-to-gold-and-silver-has-become-costlier/ Sat, 13 Jun 2026 05:36:03 +0000 https://bharatsamwad.com/inflation-has-heightened-the-common-mans-concerns-everything-from-tomatoes-and-ginger-to-gold-and-silver-has-become-costlier/

नई दिल्ली: इस साल की तपती गर्मी सिर्फ मौसम का पारा ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि आम आदमी की रसोई और मासिक बजट को भी झुलसा रही है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के ताजा आंकड़ों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। मई महीने में खुदरा महंगाई दर छलांग लगाकर पिछले 16 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

आंकड़ों के मुताबिक, सबसे तगड़ा झटका खाद्य महंगाई (Food Inflation) ने दिया है, जो अप्रैल के 4.20 फीसदी से बढ़कर मई में 4.78 फीसदी पर पहुंच गई है।

सोना-चांदी और टमाटर में ‘महंगाई का विस्फोट’

इस बार महंगाई बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह पर्सनल केयर, सोने-चांदी के गहने और रसोई की कुछ खास चीजें रही हैं। व्यक्तिगत देखभाल और सामाजिक सुरक्षा की श्रेणी में सालाना आधार पर 18.46 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इन चीजों ने जेब पर डाला डाका:

  • चांदी के गहने: यहाँ महंगाई का सबसे बड़ा विस्फोट हुआ है, कीमतें सालभर में 155.23% बढ़ चुकी हैं।

  • टमाटर: रसोई का बजट बिगाड़ते हुए टमाटर 48.43% महंगा हो चुका है।

  • सोना, हीरा और प्लेटिनम: इनके आभूषणों की महंगाई दर 40.93% पर पहुंच गई है।

  • अदरक और सूखे मेवे: अदरक 32.49% और किशमिश-मुनक्का 21.97% महंगे हो गए हैं।

  • बाहर खाना और शौक: होटल-रेस्टोरेंट की सेवाएं 5.75% और पान-तंबाकू 4.83% महंगे हुए हैं।

राहत की खबर: महंगाई के इस दौर में कुछ चीजों के दाम गिरे भी हैं। आलू (-23.71%), हरी मटर (-11.47%), जीरा (-4.59%), कार-जीप (-7.19%) और मोटरसाइकिल-स्कूटर (-3.56%) सालाना आधार पर सस्ते हुए हैं।

शहरों से ज्यादा गांवों पर महंगाई की मार

ताजा आंकड़ों में एक चिंताजनक बात यह सामने आई है कि शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में महंगाई ज्यादा है।

क्षेत्र सामान्य महंगाई दर खाद्य महंगाई दर
ग्रामीण (Rural) 4.25% 4.85%
शहरी (Urban) 3.53% 4.66%

ग्रामीण इलाकों में महंगाई बढ़ने का सीधा असर ऑटोमोबाइल, मोबाइल और रोजमर्रा के सामान (FMCG) की बिक्री पर पड़ेगा, जिससे कंपनियों के मुनाफे को चोट पहुंच सकती है।

महंगाई के टॉप-5 राज्य: तेलंगाना सबसे ऊपर, दिल्ली सबसे सुरक्षित

देश के अलग-अलग राज्यों में महंगाई का स्तर अलग रहा है। दक्षिण भारतीय राज्यों में महंगाई की तपिश सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है:

  1. तेलंगाना: 6.15% (सबसे ज्यादा)

  2. तमिलनाडु: 5.11%

  3. आंध्र प्रदेश: 4.90%

  4. कर्नाटक: 4.59%

  5. ओडिशा: 4.54%

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वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 870 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,400 के करीब https://bharatsamwad.com/stock-market-surges-sharply-on-global-cues-sensex-climbs-870-points-nifty-nears-23400/ Fri, 12 Jun 2026 06:33:47 +0000 https://bharatsamwad.com/stock-market-surges-sharply-on-global-cues-sensex-climbs-870-points-nifty-nears-23400/

नई दिल्ली: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बंपर मुनाफा लेकर आई। बीते सत्र की सुस्ती को पीछे छोड़ते हुए आज दलाल स्ट्रीट पर खरीदारों ने पूरी ताकत झोंक दी। बाजार में इस जोरदार तेजी की मुख्य वजह वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट है। इन सकारात्मक ट्रिगर्स ने निवेशकों के सेंटीमेंट को बूस्ट कर दिया, जिससे बाजार खुलते ही रॉकेट बन गया।

सूचकांकों में जोरदार छलांग
कारोबार की शुरुआत होते ही चौतरफा लिवाली के दम पर दोनों प्रमुख सूचकांकों ने लंबी छलांग लगाई। सुबह 9:36 बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (Sensex) 870.98 अंक (1.17%) की भारी बढ़त के साथ 74,703.53 के स्तर पर पहुंच गया।

वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी पीछे नहीं रहा और 1% से ज्यादा की तेजी लेकर 23,396.25 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा, जो 23,400 के ऐतिहासिक मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है। दोनों इंडेक्स में आई यह तेजी साफ दर्शाती है कि निवेशक बाजार में खुलकर जोखिम उठाने को तैयार हैं।

क्टर्स का हाल: रियल्टी और ऑटो चमके, IT सुस्त
आज की इस मार्केट रैली की सबसे अच्छी बात यह रही कि तेजी किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं थी। बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल रहा:

लीडर्स: आज के कारोबार को रियल्टी सेक्टर ने लीड किया। इसके अलावा ऑटो, मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी जबरदस्त एक्शन दिखा।

सपोर्टर्स: बैंकिंग शेयरों ने मार्केट को पूरा सहारा दिया, जबकि एफएमसीजी, फार्मा और हेल्थकेयर जैसे ‘डिफेंसिव सेक्टर्स’ में भी अच्छी खरीदारी हुई।

लगातार सुस्ती: इस पूरे जश्न के बीच आईटी (IT) सेक्टर की रफ्तार धीमी रही और टेक शेयरों में केवल मामूली बढ़त ही देखने को मिली।

वैश्विक बाजारों से मिला पूरा साथ
भारतीय शेयर बाजार की इस हरियाली को ग्लोबल मार्केट का भी पूरा बैकअप मिला। एशियाई से लेकर अमेरिकी फ्यूचर्स तक, हर तरफ सकारात्मक रुख देखने को मिला:

एशियाई बाजार: जापान के टोपिक्स (Topix) में 1.4% और ऑस्ट्रेलिया के S&P/ASX 200 में 1.5% की शानदार बढ़त दर्ज की गई। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग फ्यूचर्स भी 0.9% ऊपर रहा।

पश्चिमी बाजार: अमेरिकी S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2% और यूरोपीय यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में 0.5% की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

एक्सपर्ट व्यू: जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच सुधरते रिश्ते और कच्चे तेल की घटती कीमतों ने ग्लोबल मार्केट के डर को कम किया है। अगर वैश्विक हालात ऐसे ही स्थिर रहे, तो भारतीय बाजार का यह बुल रन (Bull Run) आगे भी जारी रह सकता है।

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शेयर बाजार ने पकड़ी रफ्तार, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में खुले https://bharatsamwad.com/stock-market-picks-up-pace-sensex-nifty-opens-in-green/ Fri, 29 May 2026 05:44:39 +0000 https://bharatsamwad.com/stock-market-picks-up-pace-sensex-nifty-opens-in-green/

नई दिल्ली- घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। गुरुवार को बकरीद के कारण बंद रहे बाजार में आज निवेशकों ने खरीदारी का रुख अपनाया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में बाजार ने बुधवार की गिरावट से उबरते हुए सकारात्मक संकेत दिए।

कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स में 350 अंकों से अधिक की तेजी देखने को मिली और यह 76 हजार के पार पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 24 हजार के करीब कारोबार करता नजर आया। हालांकि कुछ समय बाद बाजार में हल्की बिकवाली हावी हुई, जिससे बढ़त सीमित हो गई। सुबह करीब 9:27 बजे सेंसेक्स लगभग 76 हजार के स्तर पर और निफ्टी 23,900 के ऊपर कारोबार करता दिखा।

विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेत और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी के चलते निवेशकों का भरोसा बना रहा। बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में शुरुआती तेजी ने बाजार को समर्थन दिया। वहीं रुपये में भी डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती दर्ज की गई।

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शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 150 अंक लुढ़का, निफ्टी 24 हजार के नीचे https://bharatsamwad.com/weak-start-for-stock-market-sensex-slumps-150-points-nifty-drops-below-24000/ Tue, 26 May 2026 07:28:39 +0000 https://bharatsamwad.com/weak-start-for-stock-market-sensex-slumps-150-points-nifty-drops-below-24000/

नई दिल्ली- घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स में 150 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया। शुरुआती सत्र में खासतौर पर एविएशन और टेलीकॉम सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा।

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स एक समय 260 अंकों से ज्यादा गिरकर 76,200 के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,000 के आसपास आ गया। सुबह करीब 9:19 बजे सेंसेक्स 99 अंकों की कमजोरी के साथ 76,389 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, वहीं निफ्टी भी हल्की गिरावट के साथ 24,004 के आसपास बना रहा। इस दौरान भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे कमजोर होकर 95.40 पर पहुंच गया।

शेयरों की बात करें तो इंडिगो, भारती एयरटेल, सन फार्मा, ट्रेंट, टाइटन कंपनी और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में करीब 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओरइंफोसिस , टेक महिंद्रा, टीसीएस, बीईएल और एचसीएल टेक के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बाजार में व्यापक दबाव नजर आया। ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटो सेक्टर में गिरावट रही, जबकि पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर में हल्की मजबूती दर्ज की गई।

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शेयर बाजार की धमाकेदार शुरुआत, सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 23950 के पार https://bharatsamwad.com/stock-market-off-to-a-flying-start-sensex-jumps-800-points-nifty-crosses-23950/ Mon, 25 May 2026 07:28:44 +0000 https://bharatsamwad.com/stock-market-off-to-a-flying-start-sensex-jumps-800-points-nifty-crosses-23950/

नई दिल्ली- घरेलू शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन जोरदार बढ़त के साथ शुरुआत की। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर नजर आए। सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाकर 76,200 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी करीब 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया।

बाजार में तेजी की मुख्य वजह बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खरीदारी रही, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके साथ ही रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर करीब 95.35 पर पहुंच गया, जो विदेशी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

वैश्विक संकेतों ने भी बाजार को मजबूती दी। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों की चिंता कम की है। Brent Crude Oil करीब 5% से ज्यादा गिरकर 100 डॉलर के नीचे आ गया, जिससे भारत जैसे आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई पर दबाव कम होगा और कंपनियों के मुनाफे में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली अभी भी बाजार के लिए एक चुनौती बनी हुई है, जिससे आगे उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

शुरुआती कारोबार में महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि आईटी और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयर दबाव में रहे।

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