Breaking News
मंत्री गणेश जोशी ने रिटायर्ड हवलदार उदय सिंह थापा को दी 100वें जन्मदिवस की शुभकामनाएं
मंत्री गणेश जोशी ने रिटायर्ड हवलदार उदय सिंह थापा को दी 100वें जन्मदिवस की शुभकामनाएं
चारधाम यात्रा पर राजनीति न करें- सीएम धामी
चारधाम यात्रा पर राजनीति न करें- सीएम धामी
भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर पूरी तरह विफल साबित हुई- यशपाल आर्य
भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर पूरी तरह विफल साबित हुई- यशपाल आर्य
महिला आरक्षण पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा विपक्ष- सीएम धामी
महिला आरक्षण पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा विपक्ष- सीएम धामी
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिजली उत्पादन पर टैक्स नहीं लगा सकती राज्य सरकार
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिजली उत्पादन पर टैक्स नहीं लगा सकती राज्य सरकार
इस आसान घरेलू ड्रिंक से पाएं सिरदर्द से राहत, जानें बनाने की विधि
इस आसान घरेलू ड्रिंक से पाएं सिरदर्द से राहत, जानें बनाने की विधि
सिक्किम के लोगों ने अपने व्यवहार और देशप्रेम से जीता पूरे देश का दिल- पीएम मोदी
सिक्किम के लोगों ने अपने व्यवहार और देशप्रेम से जीता पूरे देश का दिल- पीएम मोदी
माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ ने मचाया धमाल, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर तोड़े रिकॉर्ड
माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ ने मचाया धमाल, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर तोड़े रिकॉर्ड
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने शिक्षाविद ललित मोहन जोशी को किया सम्मानित
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने शिक्षाविद ललित मोहन जोशी को किया सम्मानित

पढ़ते समय सुन रहे हैं गाने तो जानें ये कितना सही, कितना गलत? कैसा म्यूजिक है फायदेमंद

पढ़ते समय सुन रहे हैं गाने तो जानें ये कितना सही, कितना गलत? कैसा म्यूजिक है फायदेमंद

म्यूजिक मूड को रिफ्रेश कर बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन ध्यान रखने की बात है कि म्यूजिक को हमेशा स्टडी टूल की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पढ़ाई हमेशा शांत जगह ही करनी चाहिए। पढ़ाई हमेशा शांत माहौल में करना चाहिए, इससे ध्यान नहीं भटकता है और पढ़ी हुई चीज जल्दी याद होती है। अक्सर घर में बड़ों और स्कूल के टीचर्स को ऐसा कहते सुना होगा। यह बात काफी हद तक ठीक भी मानी जाती है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो पढ़ते समय गाने सुना करते हैं।

जिससे लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ऐसा करना सही है, क्या इससे पढ़ाई में मन लगता है या याद की हुई चीजें दिमाग में बैठती हैं। आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब… पढ़ाते करते समय गाने सुनना गलत आदत है। इससे याददाश्त पर दबाव पड़ सकता है। यह इसी तरह है जब दो चैनल एक ही फ्रीक्वेंसी पर चल रहे हों. दरअसल, पढ़ाई और म्यूजिक एक साथ टकराव पैदा करती हैं. इससे पढ़ाई से मन भटक जाता है और टॉपिक भी याद नहीं रहता है. स्टडीज के मुताबिक, म्यूजिक सुनने से फोकस पर पॉजिटिव और निगेटिव दोनों तरह के असर पड़ सकते हैं। म्यूजिक मूड को रिफ्रेश करता है लेकिन तेज म्यूजिक से ध्यान भकटता है और परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है।

इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक से ज्यादा नुकसान नहीं होता है. पढ़ाई करते हुए अगर इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक छात्र सुनते हैं तो इससे तनाव कम और एकाग्रता बढ़ सकती है. यह ध्यान भटकाए बिना अलर्टनेस बढ़ाती है. अनफैमिलियर म्यूजिक सुनने से मैथ्य और लैंग्वैज जैसे विषयों को पढने में परेशानी आ सकती है, जबकि फैमिलियर म्यूजिक चिंता कम कर परफॉर्मेंस में सुधार ला सकता है। म्यूजिक सुनने से मूड में सुधार होता है और अकेले रहने की भावनाएं कम होती हैं. एकाग्रता चाहने वालों को म्यूजिक नहीं सुनना चाहिए। गाने सुनने से बचें, स्लो और इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक सुन सकते हैं।  ऐसा म्यूजिक ही सुनने की कोशिश करें जो फीलिंग को स्ट्रॉग न करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top