Breaking News
अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन किया सील
अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन किया सील
धामी सरकार का बजट उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों में ले जाने का रोडमैप: डॉ. नरेश बंसल
धामी सरकार का बजट उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों में ले जाने का रोडमैप: डॉ. नरेश बंसल
मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट
कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प
गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प
पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर
पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर
दृष्टि आई इंस्टीट्यूट द्वारा ग्लूकोमा जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन
दृष्टि आई इंस्टीट्यूट द्वारा ग्लूकोमा जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब किया अपने नाम
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब किया अपने नाम
विधानसभा सत्र में योगदान दे रहे कर्मचारियों से मिले सीएम धामी, किया आत्मीय संवाद
विधानसभा सत्र में योगदान दे रहे कर्मचारियों से मिले सीएम धामी, किया आत्मीय संवाद

सेहत के लिए फायदेमंद चुकंदर, लेकिन इन लोगों के लिए बन सकता है नुकसानदेह

सेहत के लिए फायदेमंद चुकंदर, लेकिन इन लोगों के लिए बन सकता है नुकसानदेह

सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाने वाली चीज़ों में चुकंदर का नाम भी ऊपर लिया जाता है। खून की कमी से लेकर कमजोरी दूर करने तक, इसे एक नेचुरल टॉनिक के तौर पर देखा जाता है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो हर व्यक्ति के लिए चुकंदर उतना ही सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं। कुछ खास बीमारियों और शारीरिक स्थितियों में इसका सेवन फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी के अनुसार, चुकंदर में मौजूद ऑक्सलेट, नाइट्रेट और कुछ रासायनिक तत्व कुछ लोगों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

डॉक्टर बताती हैं कि चुकंदर में पाए जाने वाले प्यूरिन और नाइट्रेट्स हर शरीर के मेटाबॉलिज्म के अनुकूल नहीं होते। बिना अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझे अगर इसका नियमित या अधिक मात्रा में सेवन किया जाए, तो यह पहले से मौजूद समस्याओं को और बढ़ा सकता है। ऐसे में कुछ लोगों को चुकंदर से दूरी बनाना या बेहद सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।

पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं
जिन लोगों को आंतों की संवेदनशीलता, IBS या बार-बार गैस, पेट दर्द और दस्त की शिकायत रहती है, उनके लिए चुकंदर परेशानी बढ़ा सकता है। इसमें मौजूद फाइबर और फ्रुक्टन्स पाचन तंत्र पर दबाव डालते हैं, जिससे पेट में मरोड़ और गैस की समस्या हो सकती है। वहीं एसिडिटी या GERD से पीड़ित लोगों में यह सीने में जलन और बेचैनी को बढ़ा सकता है।

किडनी स्टोन और गुर्दे की कमजोरी
किडनी स्टोन की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए चुकंदर का सेवन जोखिम भरा माना जाता है। इसमें ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है, जो पथरी बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है। इसके अलावा जिन लोगों की किडनी कमजोर है या ठीक से फिल्टर नहीं कर पा रही, उनके लिए चुकंदर में मौजूद पोटेशियम शरीर में असंतुलन पैदा कर सकता है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

लो ब्लड प्रेशर और यूरिक एसिड की समस्या
चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट्स होते हैं, जो रक्त नलिकाओं को फैलाकर ब्लड प्रेशर को कम करते हैं। पहले से लो बीपी वाले लोगों में यह अचानक चक्कर, कमजोरी या थकान की वजह बन सकता है। वहीं हाई यूरिक एसिड और गाउट के मरीजों को भी इससे सावधान रहना चाहिए, क्योंकि चुकंदर में मौजूद प्यूरिन यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाकर जोड़ों में दर्द और सूजन बढ़ा सकता है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए सावधानी जरूरी
मधुमेह के रोगियों के लिए भी चुकंदर पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है। खासकर खाली पेट चुकंदर का जूस पीने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

डॉ. शालिनी सिंह सोलंकी का कहना है कि इन विशेष परिस्थितियों में बिना चिकित्सकीय परामर्श के चुकंदर का सेवन लाभ के बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए किसी भी सुपरफूड को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले अपनी सेहत और जरूरतों को समझना बेहद जरूरी है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी आहार में बदलाव से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

(साभार)

Back To Top