Breaking News
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट
बीरोंखाल में श्रमिक पंजीकरण शिविर, सैकड़ों श्रमिकों ने लिया हिस्सा
बीरोंखाल में श्रमिक पंजीकरण शिविर, सैकड़ों श्रमिकों ने लिया हिस्सा
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, 4 दिनों में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, 4 दिनों में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
मुख्यमंत्री धामी से मिले नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत

क्या आपकी भी थोड़ी सी शारीरिक गतिविधि करने पर फूलने लगती है सांस, तो इन योगासनों का करें अभ्यास, फेफड़े होंगे मजबूत 

क्या आपकी भी थोड़ी सी शारीरिक गतिविधि करने पर फूलने लगती है सांस, तो इन योगासनों का करें अभ्यास, फेफड़े होंगे मजबूत 

कुछ कदमों पैदल टहलने पर आपकी सांस फूलने लगती है? या सीढ़ियां चढ़ते उतरते समय आप हांफने लगते हैं? अगर थोड़ी सी शारीरिक गतिविधि करने पर ही आपकी सांस फूलने लगती है या जल्दी हांफने लगते हैं तो यह फेफड़ों की कमजोरी का संकेत हो सकता है। नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास करके आप अपनी लंग्स कैपेसिटी (फेफड़ों की क्षमता) को बढ़ा सकते हैं और सांस संबंधी दिक्कतों से राहत पा सकते हैं। अगर आप इन योगासनों का नियमित अभ्यास करेंगे तो कुछ ही हफ्तों में आपकी सांस फूलने की समस्या में सुधार देखने को मिलेगा और फेफड़े पहले से ज्यादा मजबूत होंगे।

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

अनुलोम विलोम के अभ्यास से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है। सांस फूलने की समस्या कम होती है और शरीर ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होती है। आरामदायक मुद्रा में बैठकर रीढ़ सीधी रखें। फिर दाहिने हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका बंद करें और बाईं नासिका से गहरी सांस लें। अब बाईं नासिका बंद करके दाईं नासिका से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। यह प्रक्रिया दूसरी तरफ से भी दोहराएं। रोज इस प्राणायाम को 5-10 मिनट करें।

कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति के अभ्यास के लिए सीधा बैठें और पेट को ढीला छोड़ें। तेजी से नाक से सांस बाहर निकाले और पेट को अंदर करें। यह प्रक्रिया लगातार 50-100 बार करें। कपालभाति प्राणायाम करने से फेफड़ों की सफाई होती है। सांस से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं। शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top